हिसार। हरियाणा में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विदेश आने-जाने वालों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों को विदेश जाने से पहले स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीनेशन करवाने की एडवाइजरी भी जारी की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध मरीजों के नमूनों की समय पर जांच कराने और अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में इस साल 13 सितंबर तक स्वाइन फ्लू के 403 मामले सामने आ चुके हैं और चार मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद 81 मामलों के साथ सबसे ऊपर है। हिसार में 66, गुरुग्राम में 46 और करनाल में 37 मामले सामने आ चुके हैं। विभाग ने विदेश से आने-जाने वाले लोगों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने, बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर तुरंत जांच कराने और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी गई है। (संवाद)
आईएलआई-एसएआरआई मरीजों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के मामलों की नियमित निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को एंटीवायरल दवाओं, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर समेत जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें लोगों को विदेश जाने से पहले स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीनेशन करवाने की सलाह दी गई है। विदेश से आने वाले लोगों को भी स्वाइन फ्लू संबंधी लक्षण दिखने पर जांच करवानी चाहिए ताकि संक्रमण मिलने पर समय पर उपचार शुरू किया जा सके। - डॉ. सुभाष खतरेजा, उप सिविल सर्जन, हिसार