हजकां के स्थापना दिवस पर एक दिसंबर को होने वाली महारैली के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। दिल्ली बाईपास रोड पर पीले रंग के कतरे झाड़ियों के साथ टांगी गई हैं, ताकि आने वाले लोगों को रैली के रास्ते का आसानी से पता चल सके। करीब डेढ़ सौ एकड़ में होने वाली रैली के लिए टैंट लगाए जा रहे हैं और कुर्सियां भी रखी जा रही हैं।
मीडिया और हजकां-भाजपा नेताओं के लिए बैठने की अलग से व्यवस्था की जा रही है। मीडिया को-ऑर्डिनेटर कमेटी के चेयरमैन देवीलाल और मीडिया प्रभारी संजय गौतम ने बताया कि रैली के लिए प्रदेश स्तर पर कार्यकर्ताओं द्वारा निमंत्रण दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रैली में प्रदेश भर से 15 लाख से अधिक लोग शिरकत करेंगे।
रैली के लिए 7200 स्कवेयर फीट का मंच बनाया जा रहा है, जिस पर 1200 लोग बैठ सकेंगे। हजकां के नेतृत्व में पीले रंग को ड्रेस कोड दिया गया है। रैली में पहुंचने वाले लोग पीले रंग की पगड़ी पहने होंगे। कार्यकर्ता पीली टोपी और गले में पीले रंग का पटका डाले होंगे। महिलाएं पीले रंग के सूट-साड़ी तथा चुनरी डाल कर पहुंचेगी।
45 क्विंटल पीले फूल कोलकाता से मंगवाए गए हैं जिन्हें तीन सौ फुट की ऊंचाई से ग्लाइडर से बरसाया जाएगा। पार्टी ने दिल्ली की एक कंपनी से तीन ग्लाइडर बुक किए हैं। ये ग्लाइडर नीची उड़ान भरेंगे। मंच का बैक ड्रोप पीले रंग का होगा। जिस पर भाजपा के पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी के अलावा अरुण जेटली की बड़ी तस्वीरें लगी होंगी। हिसार से हांसी, अग्रोहा, बरवाला तक के रास्ते में पीले रंग की झंडी लगाने की योजना चल रही है।
रैली के लिए बीस स्क्रीन लगाई जाएगी और रैली में आने वाले लोगों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भजनलाल की पसंद देसी घी का हलवा बनाया जाएगा। 36 कड़ाहों में दस हजार किलो हलवा तैयार किया जाएगा। रैली में आने वाले लोगों के लिए हरी सब्जी और हलवा पूरी बनाई जाएगी।
बैठने के बाद उन्हें सौ ग्राम मूंगफली और पचास ग्राम रेवड़ी दी जाएगी। ये पैकेट बीकानेर से मंगवाए गए हैं। जो लोग रैली के एक दिन पहले तीस नवंबर को पहुंचेंगे, उनके रहने की व्यवस्था रैली स्थल पर की गई है। रैली में आने वाले लोगों का स्वागत करने के लिए पंजाब से आर्मी बैंड बुक करवाया गया है।
करनाल से हरियाणवी बीन ग्रुप भी मंगवाए गए हैं। रैली के चारों तरफ बड़ी-बड़ी चार एलसीडी स्क्रीन लगाई जाएंगी जिन पर पचास कैमरों के जरिए लाइव प्रसारण किया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पांच हजार कार्यकर्ताओं की टीम तैयार कर ली गई है। हरियाणा महारैली के लिए अलग से रेलगाड़ी की व्यवस्था की गई है। यह रेलगाड़ी एक दिसंबर को रेवाड़ी से चलकर सुबह साढे़ नौ बजे हिसार पहुंचेगी और शाम को पांच बजे रवाना होगी।