हरियाणा के हिसार में कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत हासिल कर ली है। यहां कांग्रेस के जयप्रकाश को 570424 वोट मिले हैं और भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह चौटाला को 63381 वोट से हराया है। रणजीत सिंह को 507043 वोट मिले हैं। वहीं जजपा से नैना और इनेलो से सुनैना चौटाला को भी करारी हार मिली है।
हिसार लोकसभा से चौथी बार सांसद बने जयप्रकाश ने 20 साल बाद फिर से कांग्रेस को विजय दिलाई। पिछले चार चुनाव से दूसरे नंबर की लड़ाई से भी बाहर चल रही कांग्रेस के लिए जयप्रकाश संजीवनी लेकर आए हैं। यह चुनाव पूरी तरह से जनता ने लड़ा। भाजपा को हराने के लिए निकले किसानों ने बंपर वोटिंग कर कांग्रेस की जीत तय कर दी।
पिछले 15 साल से हिसार में आकर लोगों से मिलने जुलने का रणजीत सिंह का रसूख भी काम नहीं आया। शहरी मतदाताओं ने भी भाजपा का उतना साथ नहीं दिया जितना भाजपा उम्मीद लगाकर बैठी थी।
हिसार लोकसभा सीट को लेकर भाजपा ने एक नए समीकरण पर काम करते हुए निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह पर दांव खेला था। जिससे भाजपा में टिकट के प्रमुख दावेदार कैप्टन अभिमन्यु, कुलदीप बिश्नोई, रणबीर गंगवा के समर्थकों में मायूसी हो गई थी। किसी विधायक को पार्टी में शामिल कर उसे कुछ मिनट बाद ही टिकट देना पार्टी कार्यकर्ताओं को रास नहीं आया। कार्यकर्ताओं में असंतोष गहराता चला गया।
भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह ने मतदान से दो महीने पहले ही प्रचार शुरू कर दिया। प्रचार के तीसरे ही दिन उनका विरोध शुरू हो गया। विरोध का यह अभियान मतदान से चार दिन पहले तक जारी रहा। किसानों ने उनसे सवाल पूछने जारी रखा। रणजीत सिंह जवाब नहीं दे पा रहे थे। कुछ स्थानों पर रणजीत सिंह गुस्सा हो गए तो उनके गुस्से ने आग में घी का काम किया।
भाजपा का गणित था कि उसे हिसार शहर में करीब 70 से 80 हजार की लीड मिलेगी। हांसी में उसे 30 हजार, आदमपुर और नलवा में करीब 10-10 हजार और बवानीखेड़ा में 15 हजार की लीड़ मिलेगी। बरवाला में मुकाबला बराबरी का रह सकता है। जेपी को नारनौंद, उचाना, उकलाना से एक लाख की भी लीड मिलेगी तो उसे बराबर कर भाजपा जीत जाएगी।
लेकिन हिसार शहर में भाजपा को 36 हजार और हांसी में 6676 की ही लीड मिली। आदमपुर में कांग्रेस को 12 हजार से अधिक की लीड मिले। यही नहीं नलवा में भी कांग्रेस की बढ़त मिली। इन कारणों के चलते भाजपा की हार तय हो गई। रणजीत की हार में सबसे बड़ा कारण हिसार शहरी विधानसभा का बदला समीकरण रहा।
न डेरा काम आया न अमित शाह की रैली
भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली भी काम नहीं आई। रामपाल समर्थकों, डेरा सच्चा सौदा समर्थकों का साथ भी भाजपा को काम नहीं आया।
भाजपा की हार के तीन कारण
1- किसान आंदोलन के कारण ग्रामीण एरिया में भाजपा के प्रति आक्रोश
2. निर्दलीय को भाजपा में शामिल कर उतारने के कारण संगठन ने साथ नहीं दिया
3..पूर्व सीएम मनोहरलाल से नाराजगी होने के बाद भी उनको सुपर सीएम के तौर पर प्रस्तुत करना
कांग्रेस की जीत के तीन कारण
- भाजपा को हराने के लिए निकले किसानों ने बंपर वोटिंग किया
- शहरी क्षेत्र में भी कांग्रेस की पैठ बढ़ना और यहां से भाजपा की लीड कम होना
- भजन लाल पर मनोहर लाल की टिप्पणी को बिश्नोई मतदाताओं में नाराजगी हुई और वे भाजपा के प्रति उदासीन रहे
बसपा प्रत्याशी को इनेलो जजपा से ज्यादा वोट मिले
हिसार सीट पर तीसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी देशराज रहे हैं। उन्होंने 26015 वोट प्राप्त किए हैं। वहीं इनेलो से सुनैना चौटाला ने 22303 वोट ही मिले हैं और वह चौथे स्थाप पर रहीं। जबकि नैना चौटाला को 22032 मत ही प्राप्त हुए।