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हरियाणा में एक साल तक पटाखों पर पाबंदी:फ्लिपकार्ट-अमेजन पर ऑनलाइन बिक्री भी बैन, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

Sun, 12 Oct 2025 08:34 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

हरियाणा सरकार ने फ्लिपकार्ड, अमेजन समेत सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया है कि वे पटाखों की ऑनलाइन बिक्री या डिलीवरी तुरंत बंद करें। किसी भी गैर-एनसीआर जिले में ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार करना अब कानूनन अपराध माना जाएगा।
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पटाखे की ब्रिकी हुई प्रतिबंधित। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए गैर एनसीआर जिलों में एक साल तक ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी तरह के पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब किसी भी व्यक्ति या संस्था को पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री (ऑफलाइन या ऑनलाइन) और फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा पांच के तहत जारी किया है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की ओर से आदेश को पूरे साल सख्ती से लागू करने के निर्देश हैं।

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हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने यह आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष पर सिर्फ ग्रीन पटाखे फोड़ सकते हैं। ग्रीन पटाखों के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार दीपावली और गुरुपर्व पर रात 8 से 10 बजे तक व क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे।

ई-कंपनियों पर विभाग की नजर
राज्य सरकार ने फ्लिपकार्ड, अमेजन समेत सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया है कि वे पटाखों की ऑनलाइन बिक्री या डिलीवरी तुरंत बंद करें। किसी भी गैर-एनसीआर जिले में ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार करना अब कानूनन अपराध माना जाएगा। इस पर प्रदूषण विभाग की एक टीम नजर भी रखेगी, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पटाखों की बिक्री मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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कार्रवाई का प्रावधान
आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत की जाएगी। इस धारा के अनुसार पहली बार अपराध करने पर आरोपी को पांच साल तक की सजा या एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। वहीं, अगर अपराध जारी रहता है तो हर दिन के लिए अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है जबकि लगातार उल्लंघन करने पर सजा की अवधि सात साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी धारा 19 के तहत बिना वारंट के छापा मारकर पटाखे जब्त कर सकते हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर सकते हैं।

वहीं, जारी पत्र में लिखा कि पटाखों से निकलने वाले पीएम 2.5, पीएम 10 कण, बैरियम और अन्य रासायनिक तत्व वायु को प्रदूषित करते हैं जिससे बच्चे, बुजुर्ग और सांस या हृदय के रोगी सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता में गिरावट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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