उमरा गेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक में एक बार फिर चोरों ने सेंध लगा कर लाखों रुपये की चपत लगा दी। चोर बैंक से कंप्यूटर के दो सीपीयू, एक एलसीडी, एक प्रिंटर तथा अन्य सामान चुरा कर ले गए।
जाने से पहले उन्होंने कैश डिपोजिट मशीन तथा कई अन्य मशीनों को भी तोड़ डाला। संभवतया चोर कैश डिपोजिट मशीन से रुपया निकालना चाहते थे, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। सिटी पुलिस ने मौके का मुआयना कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक चोर दिखाई दिया है, लेकिन कैमरों की क्वालिटी बेहद खराब होने के कारण उससे कोई अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है।
जानकारी के मुताबिक चोरी तथा जेब तराशी के मामले में पहले से बदनाम बैंक पीएनबी में एक बार फिर चोरों ने दस्तक दे डाली। चोर बैंक के दक्षिण में लगे स्पिलट एअरकंडीशन यूनिट के साथ दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश हुए। फुटेज में दिखाई दिए युवक ने मुंह पर कपड़ा ढ़ापा हुआ है।
फुटेज के मुताबिक चोरों ने शनिवार की रात को बैंक में सेंध लगाई है। घटना का पता सोमवार को सुबह उस वक्त लगा जब बैंक का चपरासी सफाई करने पहुंचा। उसने बैंक में तोड़फोड़ देखी तो मामले की सूचना बैंक अधिकारियों को दी गई। बैंक मैनेजर गुलशन हेमनानी ने पुलिस को शिकायत दी है।
इसी बैंक में पहले भी चोरी तथा जेबतराशी की करीब आधा दर्जन वारदातें हो चुकी हैं लेकिन बैंक प्रबंधन ने फिर भी कोई बचाव के लिए कदम नहीं उठाए है। इससे पहले इसी बैंक में दो बार खिड़कियों की ग्रिल तोड़कर चोरों ने बैंक में प्रवेश किया था।
इसके अलावा बैंक में ग्राहक की नगदी ले उड़ने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं इस बैंक से कैश निकाल कर जाने वालों का पीछा कर बदमाशों द्वारा कई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। बावजूद इसके किसी भी मामले में पुलिस आज तक ट्रेस नहीं कर सकी है।
बैंक में सोमवार को पूरे दिन कामकाज ठप रहा। बैंक में पैसा निकालने तथा जमा करवाने आए लोगों को बैंक में अंदर नहीं घुसने दिया गया। उपभोक्ताओं को कहा गया कि बैंक प्रबंधन पुलिस के साथ चोरी की वारदात पर गुप्त मंथन कर रहा है, लिहाजा बैंक में कोई काम नहीं होगा। बैंक कर्मचारियों ने अंदर से कुंडी लगाकर उपभोक्ताओं को बाहर ही रहने के लिए बेबस किया।
बैंक मैनेजर गुलशन हेमनानी से सीधी बात
सवाल: बैंक में हूटर भी लेकिन वारदात के वक्त कोई नहीं बजा?
मैनेजर: हूटर सिर्फ दो कारणों से बजता है। पहला तब जब मैं बटन दबाऊ और दूसरा जब रात के वक्त कोई चेस्ट में घुसे।
सवाल: रात को किसी के अंदर घूमते रहने पर इसे सेंसेटिव नहीं किया गया?
मैनेजर: नहीं।
सवाल: बार-बार वारदातों से कोई सबक नहीं लिया, चौकीदार भी नहीं है।
मैनेजर: बैंक में रात के वक्त चौकीदार का कोई प्रावधान नहीं है। पिछली चोरियों मेरे आने से पहले ही हो चुकी है।
सवाल: आखिर बैंक में चोरियां कब रुकेंगी?
मैनेजर: बैंक में 8 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए है लेकिन चोर की तस्वीर साफ नहीं आ पाई। मामले की इत्तला उच्चाधिकारियों को दी गई है।