हांसी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष पर्यवेक्षक बालकृष्ण गोयल वीरवार को हांसी नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने जनसंख्या के हिसाब से नागरिक अस्पताल 50 बेड का होने पर आपत्ति जताई। और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि हांसी को जिला बनाने की तैयारी चल रही है और अस्पताल मात्र 50 बेड का है। उन्होंने एसएमओ को इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के डीजी को बेड की क्षमता बढ़वाने के लिए पत्र लिखने के लिए कहा। वहीं सोरखी के सरकारी स्कूल में फर्स्ट एड बॉक्स में एक्सपायरी दवाएं मिलीं।
वह वीरवार को हिसार जिले के निरीक्षण पर थे। शाम साढ़े सात बजे वह हांसी के नागरिक अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा व एसएमओ डॉ. राहुल बुद्धिराजा वहां मिले। अस्पताल में पहुंचते ही उन्होंने अस्पताल की बेड की क्षमता पूछी। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि क्षमता 50 बेड की। इस पर वह हैरान हुए और कहा कि हांसी को जिला बनाने की तैयारी की जा रही है। जबकि यहां बेड की क्षमता जनसंख्या के हिसाब से कम है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में विस्तृत जानकारी अपनी रिपोर्ट में लिखेंगे। रिपोर्ट को आयोग के चेयरमैन के समक्ष रखा जाएगा। जिसके बाद वह राज्य सरकार से इस बारे में बात करेंगे। साथ ही एसएमओ को भी स्वास्थ्य विभाग के डीजी को इस मामले में उनके निरीक्षण का हवाला देकर पत्र लिखने के लिए कहा।
इस दौरान शिकायत पेटी खुलवाकर उसकी जांच की। उन्होंने इमरजेंसी रूम की जांच की। वहां पर नर्सिंग ऑफिसर बिना हेड लाइट जलाए टांके लगा रहे थे तो उन्हें हेड लाइट जलाने के लिए कहा। इसके अलावा ओपीडी काउंटर पर दिव्यांग के लिए लाइन पहले और वहां रैंप बनाने के लिए कहा। अस्पताल में दाखिल मरीजों से बातचीत भी की। नर्सिंग ऑफिसर व चिकित्सकों ने समस्याएं भी रखी। वहीं स्थानीय पत्रकारों ने उन्हें नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या कम होने पर मरीजों को आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया।
सोरखी के स्कूल में मिली एक्सपायरी दवा
विशेष पर्यवेक्षक ने सोरखी के सरकारी स्कूल में सुबह निरीक्षण किया था। वहां पर नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन उसमें शौचालय नहीं था। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। वहीं साफ-सफाई भी सही मिली। वहां फर्स्ट एड बॉक्स में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। सुझाव पेटी व एसएमसी के रजिस्टर में भी खामियां मिलीं।
डॉग बाइट के मरीजों की संख्या बढ़ने पर जताई चिंता
वहीं अस्पताल में उन्होंने फ्रिज में रखी एंटी रेबीज दवाओं की जांच की। उन्होंने अस्पताल में डॉग व मंकी बाइट के केस ज्यादा आने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डॉग बाइट के मरीजों की संख्या बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारियों व नगर परिषद के अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए। इसके लिए उन्हें प्रबंध किए जाने चाहिए।
निरीक्षण कर देखा जा रहा है कि आम आदमी के मानवाधिकारों का हनन तो नहीं हो रहा है। जनसंख्या के हिसाब से जितने बेड की संख्या का अस्पताल होना चाहिए, उतनी क्षमता का अस्पताल नहीं है। यहां बड़ा अस्पताल होना चाहिए। मैं अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से अंकित करुंगा कि यहां अस्पताल बड़ा हो, चिकित्सकों की संख्या ज्यादा हो। एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के अलावा अन्य जो कमी है वह भी अंकित करुंगा। रिपोर्ट चेयरमैन के आयोग के समक्ष पेश होगी। - बालकृष्ण गोयल, विशेष पर्यवेक्षक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग