हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में दाखिले के दौरान पहली बार विषय विशेष और स्पोर्ट्स वेटेज को तरजीह दी जाएगी। इस बार दाखिले के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों का 50 फीसदी और एकेडमिक मेरिट के 50 फीसदी अंक को मिलाकर फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी।
50 फीसदी की एकेडमिक मेरिट में 12वीं के अंक, 10 प्रतिशत विषय विशेष के अंक और स्पोर्ट्स वेटेज को शामिल किया जाएगा। विवि में ऐसा पहली बार हुआ है, जब विषय विशेष के अंकों और स्पोर्ट्स कोटे को दाखिले में तरजीह दी गई है। विवि प्रशासन के अनुसार 12वीं के टॉप पांच पेपर के अंकों को जोड़ा जाएगा।
दाखिले के लिए ऐसे बनाई जाएगी मेरिट
- माना विद्यार्थी को प्रवेश परीक्षा में 100 में से 82 अंक मिले। माना 12वीं में टॉप पांच पेपर के अंक मिले 68 प्रतिशत। माना बीएससी फिजिक्स में दाखिला लेना चाहता है और 12वीं में उसके फिजिक्स में 80 अंक हैं। माना उसके पास ए टू स्पोर्ट्स कैटेगरी का सर्टिफिकेट है तो उसकी मेरिट में प्रवेश परीक्षा के कुल अंकों का 50 प्रतिशत यानी 41 अंक जोड़े जाएंगे। इसके बाद एकेडमिक मेरिट तैयार होगी, जिसमें उपरोक्त के अनुसार, 68 (एकेडमिक) +8 (फिजिक्स) + 4 अंक (स्पोर्ट्स) शामिल होंगे। इनका जोड़ 80 बनता है तो इस कुल एकेडमिक मेरिट का 50 प्रतिशत किया जाएगा, यानी कुल 40 अंक। अब विद्यार्थी के प्रवेश परीक्षा के 41 अंक और एकेडमिक मेरिट के 40 अंकों को जोड़ा जाएगा और उसकी मेरिट 81 प्रतिशत बनेगी।
नेशनल में भाग लिया तो मिलेंगे पांच अंक
विवि प्रशासन के अनुसार स्पोर्ट्स कोट के तहत दाखिले में पांच अंकों की विशेष वेटेज दी जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वालों के अलावा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों को भी पांच अंकों की विशेष वेटेज मिलेगी। विवि प्रशासन के अनुसार, ए वन सर्टिफिकेट के 5, ए टू के 4, बी वन के 3, बी टू के 2.5, सी वन के 2 और सी टू का 1 अंक मिलेगा।
कोट
बीएससी, एमएसएसी और बीएससी ड्यूल डिग्री कोर्स में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हमने दाखिले में स्पोर्ट्स व कोर्स से संबंधित विषय विशेष को भी तरजीह दी है। हालांकि कोविड 19 के कारण पैदा हुई परिस्थितियों पर यह निर्भर करेगा कि दाखिला किस तरह होगा। विद्यार्थी अपनी तैयारी रखें। 12 का परिणाम अभी नहीं आया है तो विद्यार्थी घबराएं नहीं, परिस्थितियों के अनुसार शेड्यूल बदला जा सकता है।
- प्रो. ऊषा अरोड़ा, डीन एकेडमिक अफेयर, गुजवि