हिसार। जिले में सितंबर और अक्तूबर माह के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई, जबकि नवंबर माह में जीएसटी से प्राप्त राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सितंबर में पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत और अक्तूबर में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट को लेकर मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिले में कुल लगभग 26 हजार जीएसटी पहचान नंबर पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 15 हजार स्टेट जीएसटी कार्यालय तथा लगभग 11 हजार सेंट्रल जीएसटी कार्यालय के अंतर्गत आते हैं।
यह है जीएसटी
जीएसटी को भारत में 1 जुलाई 2017 को तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा लागू किया गया था। यह एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है, जो वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लागू होती है। जिन व्यापारियों की वार्षिक आय 20 लाख रुपये से अधिक है, उनके लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है।
जीएसटी के प्रकार
आईजीएसटी
सीजीएसटी
एसजीएसटी
यूटीजीएसटी
सितंबर में बदले गए थे जीएसटी टैक्स स्लैब
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष सितंबर माह में जीएसटी टैक्स स्लैब में बदलाव किया था। इसके तहत 12 प्रतिशत की टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया गया और 40 प्रतिशत की नई स्लैब लागू की गई, जो मुख्य रूप से लग्जरी वस्तुओं पर लागू होती है। वर्तमान में 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की टैक्स स्लैब भी लागू हैं। सरकार का तर्क था कि टैक्स स्लैब में बदलाव से महंगाई में कमी आएगी।
पिछले वर्ष के अंतिम तीन महीनों में जीएसटी राजस्व
(राशि लाख रुपये में)
माह
2023-24
2024-25
अंतर
सितंबर
11,005
9,550
-13%
अक्तूबर 7,632
6,362
-16%
नवंबर
6,727
9,668
+43%