हिसार। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पर राज्य सरकार की सख्ती बेअसर रही। इस कारण संगठन के सदस्य चिकित्सकों ने शनिवार को तीसरे दिन भी आयुष्मान कार्डधारकों का मुफ्त इलाज नहीं किया जबकि रक्षाबंधन की छुट्टी के बावजूद जिला नागरिक अस्पताल में पांच से अधिक मरीजों की मुफ्त डायलिसिस की गई।
आईएमए ने सरकार से आयुष्मान योजना के तहत किए गए मुफ्त इलाज का बकाया भुगतान और इसका ब्याज देने की मांग की है। सरकार 15 सितंबर तक भुगतान देने पर सहमत है लेकिन ब्याज देने के लिए सरकार राजी नहीं है। इस कारण जिले के करीब 70 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों को तीन दिन से मुफ्त इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सरकार ने शुक्रवार को इस आंदोलन पर सख्ती दिखाई है। इसलिए इलाज करने से मना करने वाले अस्पताल प्रबंधन पर जुर्माना लगाकर पैनल से हटाने की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद शनिवार को भी कार्डधारकों को मुफ्त इलाज नहीं मिल सका।
आईएमए की जिलाध्यक्ष डॉ. रेनू भाटिया ने बताया कि कार्यबहिष्कार की समीक्षा के लिए शुक्रवार को कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का कहना था कि मांग पूरी होने पर ही वह कार्डधारकों को योजना का लाभ दिलाएंगे। भले ही इसके लिए भुगतान के लिए संभावित अंतिम तिथि 15 सितंबर तक कार्यबहिष्कार ही क्यों न करना पड़े।
वहीं, सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इस योजना के तहत मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। भले ही कार्ड किसी भी राज्य से जारी हुआ हो लेकिन कई मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि वहां स्टाफ समेत कई संसाधनों की कमी है। इस कारण निजी अस्पताल में जाना मजबूरी हो गया है।
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आयुष्मान के तहत अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मुफ्त इलाज
अग्रोहा। महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे आयुष्मान योजना के तहत सभी पात्र मरीजों का इलाज पहले की तरह ही मुफ्त में कर रहे हैं। जारी बयान में कॉलेज के प्रशासनिक निदेशक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि यह कॉलेज हमेशा से समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आयुष्मान भारत योजना हमारे इसी दृष्टिकोण का हिस्सा है। आर्थिक रूप से कमजोर कोई भी व्यक्ति बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। संवाद