बरवाला। गांव पाबड़ा की अनाजमंडी में अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन व सीआईटीयू की ओर से शनिवार काे मजदूर-किसान पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता मियां सिंह बिठमडा़, मनोज सोनी व दयानंद ढुकिया ने की। संचालन सरबत पूनिया व रोहतास राजली ने किया। मियां सिंह ने सरकार से नहरी पानी को दो सप्ताह करने, फसल खराबे के सभी बकाया मुआवजे तुरंत जारी करने और फसल बीमा का मुआवजा काश्तकार के खाते में डालने की मांग की।
वहीं मनरेगा को कृषि से जोड़कर सभी मनरेगा मजदूरों काे 200 दिन का काम और 600 रुपये दिहाड़ी करने की मांग रखी गई। निर्माण मजदूरों के बकाया बेनिफिट, वर्क स्लिप का अधिकार यूनियन को दिलवाने, मजदूर-कारीगरों के रजिस्ट्रेशन तथा स्कीम वर्कर, आंगनबाड़ी वर्करों, आशा वर्करों और मिड डे मील को पक्का करवाने व समय पर वेतन डलवाने की मांगों को पंचायत में उठाया गया। वहीं 20 मई काे हाेने वाली हड़ताल के समर्थन में प्रस्ताव पास किया गया।
पंचायत की शुरुआत में देश में हुए आतंकी हमलों में मारे गए निर्दोष नागरिकों और सीमा पर शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। वह लोगों को बांटने का काम करता है। इसलिए जरूरी है कि हमें अपनी एकता और अखंडता को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 मई 1857 को आज ही के दिन प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई की शुरुआत हुई थी। हांसी इलाके में हिंदू-मुस्लिमों ने मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी। जिनमें मुख्य रूप से लाला हुकमचंद जैन और मुनीर बेग का नाम आता है। किसान सभा के राज्य प्रधान मा. बलबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा-पंजाब के बीच पानी विवाद राजनीतिक स्टंट है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर हर हाल में हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलवाए तथा लोगों को से सद्भाव बनाए रखने की अपील करे।
पंचायत में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय नेता कॉमरेड पुष्पेंद्र त्यागी, राज्य अध्यक्ष कॉमरेड इंद्रजीत सिंह, खेत मजदूर यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रामकुमार, सीटू के जिला अध्यक्ष का. सुरेश कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे।