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Hisar News: जीजेयू महिला छात्रावास बना सुरक्षा का मजबूत गढ़

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हिसार।जीजेयू में महिला छात्रावास की दीवारें ऊंची कर लगाई गई कांटेदार तारें।
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) ने महिला छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करते हुए इसे छात्राओं के लिए एक सुरक्षित गढ़ बना दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि छात्राओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, छात्राओं और उनके अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर विश्वास और संतोष बढ़ा है।
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जीजेयू के महिला छात्रावासों में करीब 2000 छात्राएं निवास करती हैं और इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए महिला छात्रावास के भीतर और बाहर आठ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है, जो 24/7 गश्त करते हैं। पहले जहां तीन सुरक्षाकर्मी तैनात थे, वहीं अब यह संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था काफी प्रभावी और मजबूत हुई है।
सुरक्षा को और पुख्ता किया गया
महिला छात्रावास की चहारदीवारी को ऊंचा किया गया है और उस पर मजबूत लोहे की तार लगाई गई है, जिससे किसी भी तरह की अनधिकृत एंट्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। छात्रावास में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाती है, और सभी पार्सलों की पूरी जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया जाता है, ताकि सुरक्षा चूक की कोई संभावना न रहे।
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नाइट विजन कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी
रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से सख्त किया गया है। महिला सुरक्षा कर्मी छात्रावास के अंदरूनी हिस्सों में पेट्रोलिंग करती हैं, जबकि बाहरी क्षेत्र में पुरुष सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाती है, और अंधेरे में भी सुरक्षा बनाए रखने के लिए नाइट विजन सुविधाओं से लैस हाइब्रिड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सुरक्षा में सख्ती के बाद बेहतर परिणाम
2024 में तीन बार बाहरी लड़कों के घुसने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा। अब महिला छात्रावास में प्रवेश से पहले छात्राओं की आईडी जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश गेट और हॉस्टल परिसर में उगी झाड़ियों को समय-समय पर कटवाया जाता है, ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि छिप न सके।
हर 15 दिन में कमरों की नियमित जांच
हॉस्टल के कमरों की नियमित जांच हर 15 दिन में की जाती है। हॉस्टल वार्डन भी सीसीटीवी के जरिये निगरानी रखती हैं। महिला छात्रावास का मुख्य गेट सुबह 6:30 बजे खोला जाता है और शाम 6:30 बजे बंद कर दिया जाता है। गेट बंद होने के बाद यदि किसी छात्रा को आपात स्थिति में बाहर जाना हो, तो पहले उसके अभिभावकों से बातचीत की जाती है और फिर अनुमति दी जाती है। देर से लौटने या बाहर जाने की स्थिति में छात्रा को सुरक्षा कर्मी और वार्डन से अनुमति प्राप्त करनी होती है।
जीजेयू छात्राओं के लिए सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। - प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलपति, जीजेयू।
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