हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में सेंटर फॉर बायो इकोनोमी एंड सस्टेनेबिलिटी स्थापित करने को लेकर विश्वविद्यालय ने इंस्टीट्यूट ऑफ मेटेरियल्स इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 1 (आईडब्ल्यूई1), आरडब्ल्यूटीएच आचेन यूनिवर्सिटी, जर्मनी के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग (एमओयू) किया है। आरडब्ल्यूटीएच आचेन यूनिवर्सिटी, जर्मनी के साथ विश्वविद्यालय ने स्पार्क योजना के तहत एक एमओयू को किया है। इंस्टीट्यूट ऑफ मेटीरियल्स इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 1 जीजेयू को सेंटर फॉर बायो इकोनोमी एंड सस्टेनेबिलिटी स्थापित करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि इस एमओयू से जीजेयू और आरडब्ल्यूटीएच आचेन यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से उनके संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और दोनों संस्थानों के हितधारकों को बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे। दोनों संस्थान कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग पर अपने प्रयासों को केंद्रित करेंगे। यह अनुसंधान, विकास, शिक्षा, प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और शैक्षणिक लाभों पर दीर्घकालिक ज्ञान के प्रसार के क्षेत्र में पारस्परिक हित को भी मान्यता देता है।
आरडब्ल्यूटीएच आचेन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ मेटीरियल इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 1 के निदेशक प्रो. सवेन इंजेब्रांडट ने भी इस एमओयू के लिए खुशी व्यक्त की। डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. नमिता सिंह ने कहा कि इस एमओयू से दोनों संस्थान आपसी सहयोग से सूचना का आदान-प्रदान करेंगे।
जीजेयू की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई तथा आरडब्ल्यूटीएच अकेन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ मेटीरियल इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 1 की ओर से निदेशक प्रो. सवेन इंजेब्रांडट ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय की ओर से गवाह के रूप में कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर तथा डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. नमिता सिंह ने हस्ताक्षर किए। आरडब्ल्यूटीएच आचेन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ मेटीरियल इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 1 की ओर से डॉ. विवेक पाचौरी ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।