हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) को पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग 2026 में एशिया में 1001-1100वीं रैंक प्राप्त हुई है। इसके अलावा दक्षिणी एशिया क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 330वां स्थान और भारत के संस्थानों में 181वीं रैंक दी गई है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाला अहम कदम है। यह रैंकिंग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रभावशाली अनुसंधान और नवाचार आधारित विकास के प्रति विश्वविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस वर्ष क्यूएस एशिया विश्वविद्यालय रैंकिंग में एशिया महाद्वीप के 1530 विश्वविद्यालयों और 294 भारतीय संस्थानों को शामिल किया गया है।
कुलपति ने कहा कि क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पहली बार स्थान पाना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि शोध गुणवत्ता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति हमारे सतत प्रयासों की पुष्टि करती है।
क्यूएस डब्ल्यूयूआर 2026 के मूल्यांकन मानदंड
क्यूएस डब्ल्यूयूआर 2026 चार मुख्य संकेतकों और 11 उप-संकेतकों का उपयोग करके विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करता है। विश्वविद्यालय ने सभी श्रेणियों में सराहनीय प्रदर्शन करते हुए उप-मापदंडों में कुल 15.7% स्कोर प्राप्त किया है।
मुख्य संकेतक
रिसर्च इम्पैक्ट (45%)
एम्प्लॉयमेंट एंड आउटकम्स (20%)
लर्निंग एक्सपीरियंस (45%)
ग्लोबल एंगेजमेंट (20%)
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उप-संकेतक
पीएचडी वाले शिक्षक : 72.3 अंक
प्रति पेपर उद्धरण : 44.6 अंक
प्रति संकाय पेपर : 40.5 अंक
अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क : 28.7 अंक
संकाय-छात्र अनुपात : 10.8 अंक
शैक्षणिक प्रतिष्ठा : 4.2 अंक
नियोक्ता प्रतिष्ठा : 1.1 अंक
इनबाउंड एक्सचेंज छात्र : 1.0 अंक
अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात : 1.0 अंक
आउटबाउंड एक्सचेंज छात्र : 1.0 अंक
स्कोर में विभिन्न पैरामीटरों का योगदान
प्रति पेपर साइटेशन : 28.6%
पीएचडी वाले शिक्षक : 23.2%
इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क : 18.4%
प्रति फैकल्टी पेपर : 12.9%
शैक्षणिक प्रतिष्ठा : 8.1%
फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात : 6.9%
अन्य पैरामीटर : 1.9%