हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) ने विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए स्पेशल मर्सी चांस की घोषणा की है। यह विशेष अवसर उन छात्रों को दिया जाएगा जिन्होंने वर्ष 2011 के बाद विभिन्न कोर्सों में दाखिला लिया था, लेकिन निर्धारित अवसरों में अपनी परीक्षाएं उत्तीर्ण नहीं कर पाए थे। अब ऐसे छात्र मई से सितंबर 2025 के बीच आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अंतिम बार भाग ले सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक सेमेस्टर या वार्षिक परीक्षा के लिए 16,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त सामान्य परीक्षा शुल्क और लेट फीस भी विद्यार्थियों को देनी होगी। एक बार जमा की गई फीस वापस नहीं होगी। विवि प्रशासन के इस फैसले से हजारों विद्यार्थियों को फायदा होगा और वे अपनी डिग्री पूरी कर पाएंगे। विद्यार्थी परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.gjust.ac.in पर विजिट करें।
2011 के बाद दाखिला लेने वालों को मिलेगा मौका
स्पेशल मर्सी चांस उन छात्रों के लिए है जिन्होंने 2011 से आगे विभिन्न कोर्सों में दाखिला लिया था लेकिन निर्धारित अवसरों में परीक्षा पास नहीं कर पाए। इसमें यूजी, पीजी, डिप्लोमा, लॉ, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, एजुकेशन और डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शामिल होंगे।
ऑफलाइन होगी परीक्षा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि परीक्षा केवल ऑफलाइन मोड में ही होंगी। यह परीक्षाएं यूनिवर्सिटी कैंपस अथवा संबद्ध कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर करवाई जाएंगी। ऑनलाइन परीक्षा का प्रावधान नहीं होगा। सभी छात्रों को परीक्षा फार्म और फीस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भरनी होगी। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि फॉर्म भरने से पहले अपनी पात्रता की जांच कर लें, क्योंकि यदि कोई अयोग्य छात्र परीक्षा फार्म भरता है तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी और जमा की गई फीस वापस नहीं होगी।
विशेष मर्सी चांस के अंतर्गत विद्यार्थी एक या अधिक विषयों में री-अपीयर देकर अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं। हालांकि शिक्षा संकाय के पाठ्यक्रमों (बीएड, एमएड, बीएड-एमएड इंटीग्रेटेड, बीएलएड, शिक्षा शास्त्री) में इंप्रूवमेंट का विकल्प नहीं होगा।