हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में चल रहे तकनीकी कोर्सेज के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्, नई दिल्ली (एआईसीटीई) ने अनुमोदन पत्र जारी किया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि इस अनुमोदन से विश्वविद्यालय के कोर्सों की गुणवत्ता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अच्छे विद्यार्थी इन कोर्सों की तरफ आकर्षित होंगे, जिससे विद्यार्थियों के लिए रोजगार के ओर अधिक अवसर उत्पन्न होंगे। एआईसीटीई की ओर से इस साल चार कामकाजी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी अनुमोदित किया गया है। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने बताया की कुल 32 कोर्सेज को एआईसीटीई की ओर से मान्यता प्रदान की गई है, जिनमें से चार बीटेक कोर्स हिंदी भाषा के भी है।
प्रो. योगेश चाबा ने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् ने विश्वविद्यालय में संचालित मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस, बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (एआईएमएल), बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, एमटेक इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रोनिक्स एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, एमटेक एनवायर्नमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक फूड टेक्नोलॉजी शामिल है।
एमटेक फूड टेक्नोलॉजी, एमटेक जियो-इंफोर्मेटिक्स, बीटेक इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बीटेक प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, बीटेक पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, एमटेक प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, बीटेक इलेक्ट्रोनिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग, बीटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस और एमबीए कोर्स शामिल है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा में चल रहे बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, बीटेक इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी और बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग को भी अनुमोदित किया गया है। विश्वविद्यालय में चल रहे एमबीए कोर्स को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अनुमोदन में सीटों को 240 से बढ़ाकर 270 किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा एमबीए में चल रहे कामकाजी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी अनुमोदित किया गया है। ड्यूल/इंटीग्रेटेड कार्यक्रम मास्टर इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस (इंटीग्रेटेड) तथा बीबीए/एमबीए(इंटीग्रेटेड) पाठ्यक्रमो को भी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अनुमोदित किया गया है।