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लाडो तै बढण लाग्या लाड

Mon, 16 Jan 2017 12:21 AM IST
राजेश स्वामी / अमर उजाला, हिसार
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हिसार। महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न नारी के विभिन्न रुपों में प्रस्तुतियां देती छात्राएं। - फोटो : bureau
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करनाल के मनोज-बबली ऑनर किलिंग और रोहतक के गरनावठी ऑनर किलिंग जैसे दागों से बदनाम हरियाणा के जिले हिसार में अब आम आदमी की बेटियों के प्रति सोच बदलने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पानीपत में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत करने का सकारात्मक परिणाम आने लगा है। रिजल्ट देखिये साल 2015 में औसतन हर 1000 लड़कों के पीछे 886 लड़कियां जन्मीं। जबकि साल 2014 में 875 लड़कियां जन्मी थीं। साल 2016 में औसतन 915 बेटियां जन्मीं हैं। यानी दो साल में औसतन हर 1000 लड़कों के पीछे जन्मने वाली लड़कियों की संख्या में 40 की बढ़ोतरी हुई है। इससे बेटियों के प्रति किए जा रहे प्रयासों के स्वास्थ्य विभाग के दावों को बल मिला है। स्वास्थ्य विभाग सूचना मिलने पर भ्रूण हत्या या भ्रूण जांच के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रहा है। उसी का नतीजा है कि लड़कियों की जन्म दर में सुधार होने लगा है।
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साल 2016 में जन्मे 36095 बच्चे
माह    लड़का    लड़की
जनवरी    1487    1382
फरवरी    2795    2514
मार्च    4260    3859
अप्रैल    5662    5171
मइ    7044    6371
जून    8484    7722
जुुलाई    9996    9123
अगस्त    11,739    10,720
सितंबर    13,762    12,602
अक्टूबर    15,397    14,184
नवंबर    17,225    15,785
दिसंबर    18,850    17,245
कुल    18,850    17,245

स्वास्थ्य विभाग की सख्ती दिखाने लगी असर
स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण हत्या या भ्रूण जांच के खिलाफ पूरा शिकंजा कस रखा है। यह इसी का परिणाम है कि हरियाणा से सटे पंजाब, राजस्थान और यूपी में भ्रूण जांच करने के हाल में काफी मामले सामने आये हैं। इनमें काफी लोग इधर से गए। हालांकि अभी भी राज्य या जिले में कोख में कत्ल या जांच का गोरखधंधा चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई का नतीजा है कि लड़कियों की जन्म दर संख्या बढ़ी है। यह जन्म दर दो साल में 875 से बढ़कर 915 तक आ गई है। स्वास्थ्य विभाग का रुख ऐसा रहा तो लड़कियों की जन्म दर में और सुधार आना लाजमी है। क्योंकि ऐसी स्थिति में भी हर 1000 लड़कों के पीछे 85 लड़कियां कम जन्मी। अभियान को और तीखा करने की जरूरत है।

पीएनडीटी एक्ट में इन पर एफआईआर
- प्रवीण और अन्य सुंदर नगर हिसार
- इंद्रसेन अस्पताल हांसी
- अनूप अल्ट्रासाउंड केंद्र
- सोनू हांसी और अन्य
- जनता अस्पताल बरवाला
- पिंकी हांसी और अन्य
- जनता डायग्नोस्टिक सेंटर, हांसी

एमटीपी एक्ट में इन पर केस दर्ज
- एएमसी अस्पताल हिसार
- ज्ञानदीप सेवा आश्रम ट्रस्ट
- मित्तल मेडिकोज नारनौंद
- सैनी मेडिकोज नारनौंद
- कृष्णा देवी मोल्लला खातियान
- प्रवीण मेडिकल हाल, ऋषिनगर
- सरिता दुहन आजाद नगर हिसार
- श्री बाला जी अस्पताल, नारनौंद
- बाला जी अस्पताल, बरवाला
- हिंद मेडिकल हाल, हांसी
- चोपड़ा इलेक्ट्रोपैथी पाबड़ा
- राजेश कुमार पटेल नगर
- ज्ञानो देवी 12 क्वार्टर रोड

हमने सूचना मिलने पर तुरंत संबंधित जगह पर रेड की और रेड सफल होने पर पीएनडीटी और एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज कराए हैं। अनियमितता पाए जाने पर आठ अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद कराए हैं। यह अभियान जारी रहेगा।
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- डॉ. तेजपाल शर्मा, प्रभारी जिला परिवार कल्याण नियोजन हिसार
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