हिसार। घग्गर ड्रेन ने पिछले 20 दिन में हिसार जिले में भारी तबाही मचाई। 25 अगस्त से 15 सितंबर के बीच घग्गर ड्रेन करीब 30 स्थानों पर टूटा। ड्रेन टूटने के कारण सबसे अधिक तबाही गंगवा, कैमरी, पातन गांव के आसपास क्षेत्रों में हुई। गंगवा-कैमरी के पास यह ड्रेन करीब दस से अधिक बार टूटा। इसके बाद गांव पातन के पास ड्रेन पांच बार टूटी। ड्रेन शाहपुर, पातन, चूला कलां, दाहिमा, आर्यनगर के पास सबसे अधिक टूटा। घग्गर ड्रेन करीब 15 किलोमीटर के दायरे में सबसे अधिक टूटा।
हिसार जिले से बहने वाली इस ड्रेन की क्षमता 500 से 750 क्यूसेक है। अलग-अलग क्षेत्र में इसकी क्षमता का लेवल अलग- अलग है। 25 अगस्त के बाद ड्रेन में पानी बढ़ना शुरू हो गया था। ड्रेन में 750 से 1000 क्यूसेक तक पानी छोड़ा गया। 25 अगस्त से ड्रेन टूटने लगा। इसके बाद ड्रेन को काबू नहीं किया जा सका। फिलहाल की बात करें तो अब भी गांव दाहिमा के पास ड्रेन टूटा हुआ है।
अब बारिश बंद होने के बाद कई गांवों के किसान खेतों से पानी निकाल कर ड्रेन में डाल रहे हैं। इसके अलावा शहरी एरिया से सीवरेज का पानी भी ड्रेन में डाला जा रहा है। जिले में गांव गुराना के पास माइनर टूटने से चार गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने। इसके अलावा बालसमंद माइनर भी तीन स्थानों पर टूटी। ड्रेन टूटने के पीछे एक कारण यह भी रहा कि किसानों ने ड्रेन के किनारों से मिट्टी उठाकर अपने खेतों में मिला लिया था। कुछ स्थानों पर किसानों ने ड्रेन में पाइप डालकर अपने खेतों तक पानी पहुंचाया हुआ था। ड्रेन में पानी बढ़ने के बाद ऐसे स्थानों पर ड्रेन सबसे अधिक टूटा।