गैस एजेंसी देने के नाम पर एक कंपनी से जुड़े कर्मियों ने मुगलपुरा के एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये हड़प लिए। साथ ही अलग से कार्यालय व गोदाम तैयार करने के नाम पर 22 लाख रुपये खर्च करा दिए।
बारी एजेंसी देने की आई तो वे कार्यालय बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने मुंबई की फ्राची गैस एजेंसी, मुंबई के 6 कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुगलपुरा निवासी प्रदीप कुमार वर्ष 2012 में फ्राची गैस एजेंसी के कुछ कर्मचारियों के संपर्क में आया था। कंपनी का कार्यालय चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में था।
कंपनी से जुड़े लोगों ने उसे गैस एजेंसी देने की बात कही। प्रदीप इसके लिए तैयार हो गया और उसने सिक्योरिटी के नाम पर चंडीगढ़ कंपनी कार्यालय में पांच लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद कंपनी की ओर से उसे कार्यालय व गैस सिलेंडर के लिए गोदाम तैयार करने को कहा।
इसके बाद कंपनी की ओर से उससे 10 लाख रुपये और जमा कराने को कहा गया। प्रदीप ने कंपनी के आईसीआईसीआई बैंक खाते में 10 लाख रुपये जमा करवा दिए।
प्रदीप ने पुलिस को दी शिकायत में कंपनी के अधिकारियों के कहे अनुसार उसने उकलाना में गैस सिलेंडर गोदाम के लिए प्लाट खरीदा। गोदाम व कार्यालय को तैयार करने में कुल 22 लाख रुपये खर्च हुआ। इससे पहले वह कंपनी को 15 लाख रुपये सिक्योरिटी के नाम पर दे चुका था।
बाद में उसे न तो एजेंसी मिली ओर न ही जमा कराए गए पैसे ही वापस मिले। उसने बताया कि वर्ष 2012-13 के दौरान उसने गैस एजेंसी के नाम पर कुल 37 लाख रुपये खर्च किए।
कार्यालय बंद कर हुए फरार
प्रदीप कुमार ने बताया कि सिक्योरिटी के लिए पैसे जमा करवाने और गोदाम, कार्यालय बनाने के बाद वह कंपनी के चंडीगढ़ कार्यालय में पहुंचा। वहां उसे जल्द ही एजेंसी देने की बात कही गई। कुछ कागजातों पर उसके हस्ताक्षर भी कराए गए।
इसके बाद कई बार उसने कंपनी अधिकारियों से फोन पर संपर्क साधा, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्यालय के कई चक्कर भी काटे, लेकिन हर बार उसे आश्वासन दे कर लौटा दिया गया। अब वह पिछले महीने चंडीगढ़ सेक्टर-22 स्थित फ्राची गैस एजेंसी के कार्यालय गया तो वहां दफ्तर पर ताला लटका मिला। बताया गया कि कंपनी कार्यालय छोड़ कर चली गई है।
पुलिस प्रवक्ता चंद्रभान ने बताया कि पुलिस ने प्रदीप कुमार की शिकायत पर थाना शहर में फ्राची गैस एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड, अंधेरी वेस्ट मुंबई के 6 कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है। इनमें अजीत सिंह, रूप नारायण, रमेश कुमार, पायल, मि. शर्मा व अजय तिवारी के नाम हैं। मामले की जांच इक्नोमिक ब्रांच के इंस्पेक्टर उमेद सिंह कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।