प्रापर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारी सीट पर बैठ कर काम करते हुए। अमर उजाला
हिसार। नगर पालिका कर्मचारियों ने हड़ताल के चलते 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह नहीं मनाने का फैसला लिया है। कर्मचारी इस दिन से लोगों के बीच जाकर अपनी मांगों और हड़ताल की वजह बताएंगे। वहीं हड़ताल के कारण शहर में करीब 1400 टन कचरा जमा हो चुका है। बुधवार दोपहर नगर निगम की कुछ शाखाओं के लिपिक वर्ग के कर्मचारी काम करते नजर आए।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के सदस्य बुधवार को नगर निगम गेट पर एकत्र हुए और नारेबाजी के बाद धरने पर बैठ गए। नगर पालिका सफाई कर्मचारी यूनियन की हिसार इकाई के प्रधान सुरेंद्र गोलू ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए आजादी का जश्न मनाने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार मांगें पूरी करे तभी वे उत्सव में शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है और हड़ताल खत्म कराने के लिए षड्यंत्र किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 15 दिन के आंदोलन के बाद मानी गई मांगों को पूरा करने के लिए 30 जून तक का समय मांगा था। यूनियन ने 30 जुलाई तक समय दिया और इसके बाद एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत भी दी, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर हड़ताल करनी पड़ी। अब कर्मचारी लोगों के बीच जाकर अपना पक्ष रखेंगे।
वेतन संबंधी काम के लिए छूट
यूनियन की हिसार इकाई के सचिव अनिल डोली ने बताया कि मंगलवार को निगम आयुक्त के साथ बातचीत हुई थी। आयुक्त ने अकाउंट और ऑडिट शाखा के कर्मचारियों को काम करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा, जिस पर यूनियन सहमत हो गई। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों को केवल वेतन आदि से जुड़े कार्य करने की छूट दी गई है। अन्य कर्मचारी किसी दूसरे काम में शामिल नहीं हैं।