रतिया। नगर पालिका द्वारा शहर में कचरा उठाने के लिए ठेकेदार को सालाना एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च करने के बाद भी शहर में कई दिन से कचरा उठान नहीं हो रहा है। पिछले तीन दिनों से शहर में कचरा न उठाए जाने के कारण शहर के हर गली मोहल्ले और मोड़ पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। शहर वासियों ने ठेकेदार के कार्यों की विजिलेंस जांच करने की मांग की है।
शहर वासियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि रतिया नगर पालिका द्वारा रतिया शहर के सभी 17 वार्डों में डोर टू डोर व डंपिंग प्वाइंट से कचरा उठाने के लिए ठेकेदार को टेंडर अलाॅट किया गया था। ठेकेदार द्वारा प्रतिदिन कचरा उठाया जाना जरूरी है लेकिन ठेकेदार द्वारा पिछले तीन दिनों से शहर में कचरा न उठाने के कारण शहर के सभी वार्ड और मोहल्लों के अलावा मुख्य मार्गों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं और ठेकेदार द्वारा कचरा न उठाकर शहर में गंदगी का माहौल पैदा किया जा रहा है। शहर वासियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा उक्त ठेकेदार को प्रतिमाह 10 लाख रुपये और पूरे साल के दौरान एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा की अदायगी की जाती है लेकिन फिर भी शहर में गंदगी का माहौल बना रहता है इसलिए ठेकेदार के कार्यों की विजिलेंस द्वारा जांच करवाई जानी चाहिए।
प्रति माह होती है लगभग 10 लाख की अदायगी
नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक डोर टू डोर के ठेकेदार को प्रतिदिन 1414 रुपए प्रति टन कचरा उठाने के लिए दिए जाते हैं। प्रति माह लगभग 10 लाख रुपये और पूरे साल के एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा कचरा उठाने के लिए ठेकेदार को दिए जाते हैं और ठेकेदार द्वारा प्रतिदिन कचरा उठाया जाना जरूरी है। अवकाश के दिन भी ठेकेदार द्वारा कचरा उठाया जाना आवश्यक है और जिस दिन कचरा नहीं उठाया जाता उस दिन निरीक्षण कर ठेकेदार को जुर्माना भी लगाया जाता है।
ठेकेदार को लगाया जाएगा जुर्माना : राहुल मजोका
सफाई निरीक्षक राहुल मजोका ने बताया कि पिछले कई दिनों से ठेकेदार द्वारा कचरा न उठाए जाने की शिकायत मिली है जिसको लेकर जांच की गई थी। पता चला है कि ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया जिस कारण उन्होंने हड़ताल कर दी है और कचरा नहीं उठाया जा रहा है। इसको देखते हुए ठेकेदार को जुर्माना लगाया जाएगा और कचरा उठाने के निर्देश दिए जाएंगे।