नीरज बवाना गैंग को शक था कि अमन ने शक्ति दादा के बारे में सूचना दी थी। इसका बदला लेने के लिए काला खैरमपुरिया ने मीनू को अमन को किसी तरह बातों में फंसाकर बर्गर किंग आउटलेट में लाने को कहा। दोनों के वहां पहुंचने के बाद चार शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अमन की हत्या कर दी थी।
दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर 18 जून को झज्जर निवासी अमन की हत्या में राकेश उर्फ काला खैरमपुरिया का हाथ था। अमन को हनीट्रैप में फंसा कर 40 गोलियां मारी गईं थीं। वारदात के समय अमन के साथ मीनू नाम की युवती थी, जिसकी काला खैरमपुरिया से फोन पर अक्सर बातचीत होती थी। काला के इशारे पर ही चार शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया, जिनमें से तीन का सोनीपत में एनकाउंटर हो चुका है। एसटीएफ की पूछताछ के दौरान काला खैरमपुरिया ने यह खुलासा किया है। एसटीएफ मंगलवार को भी काला खैरमपुरिया को अपने साथ लेकर गई और कई ठिकानों पर छापेमारी की।
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पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमन की हत्या के बाद गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसे काला खैरमपुरिया को टैग किया था। पूछताछ में काला खैरमपुरिया ने बताया कि झज्जर जिला निवासी शक्ति दादा गैंगस्टर नीरज बवाना का मौसेरा भाई था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी झज्जर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
नीरज बवाना गैंग को शक था कि अमन ने शक्ति दादा के बारे में सूचना दी थी। इसका बदला लेने के लिए काला खैरमपुरिया ने मीनू को अमन को किसी तरह बातों में फंसाकर बर्गर किंग आउटलेट में लाने को कहा। दोनों के वहां पहुंचने के बाद चार शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अमन की हत्या कर दी थी। इन शूटरों में हिसार के गांव खारिया निवासी आशीष और खरड़ निवासी सन्नी भी शामिल थे। काला खैरमपुरिया ने सोनीपत में हुए एक हत्याकांड का भी खुलासा किया है। इसके अलावा नीरज बवाना गैंग से सपंर्क की बात भी कबूल की है।
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अधिकारी के अनुसार
गैंगस्टर काला खैरमपुरिया से लगातार पूछताछ जारी है। जल्द ही कई खुलासे किए जाएंगे। उसे साथ ले जाकर कई जगहों पर दबिश दी है, ताकि उसके नेटवर्क तक पहुंच सकें। -अनूप, एसटीएफ इंचार्ज, हिसार।