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Hisar News: हिसार से अग्रोहा, फिर वापस हिसार, शव को नसीब नहीं हो सका फ्रीजर

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हिसार। रेलवे स्टेशन की पार्किंग में शुक्रवार रात मृत मिले व्यक्ति का शव राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची। यहां फ्रीजर खाली नहीं होने की बात कहकर शव को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां भी शव रखने के लिए फ्रीजर नहीं मिला। इसके बाद जीआरपी शव को वापस जिला नागरिक अस्पताल ले आई। शनिवार सुबह मृतक की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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जीआरपी थाने के जांच अधिकारी एएसआई बलबीर ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान नहीं होने पर शव को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाने के लिए ले जाया गया जहां फ्रीजर खाली नहीं होने की बात कहकर शव अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए कहा गया। जीआरपी कर्मी शव को अग्रोहा लेकर गए। वहां भी फ्रीजर उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर शव वापस हिसार ले जाने को कह दिया। इस पर देर रात टीम शव को जिला नागरिक अस्पताल ले आई।
उधर, जीआरपी की एक टीम मृतक की पहचान के लिए रेलवे स्टेशन पर पूछताछ कर रही थी। स्टेशन पर लावारिस की तरह रह रहे लोगों से पूछताछ के बाद मृतक की पहचान 42 वर्षीय ऋषिराज निवासी गांव कलाना, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर हनुमानगढ़ पुलिस को सूचना दी गई। ऋषिराज के परिजनों का पता चलने पर उन्हें घटना के बारे में अवगत कराया। रविवार सुबह परिजन हिसार पहुंचे। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया।
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कई वर्षों से स्टेशन पर ही रह रहा था :
जांच अधिकारी ने बताया कि ऋषिराज कई वर्षों से रेलवे स्टेशन पर ही रह रहा था और रात में भी वहीं सोता था। पोस्टमार्टम में उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से होने का तथ्य सामने आया है। परिजन की रिपोर्ट पर इस मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। जीआरपी सूत्र बताते हैं कि नागरिक अस्पताल में शव रखने के लिए जगह थी, इसके बावजूद शव को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
शवगृह में चार फ्रीजर उपलब्ध :
जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में चार फ्रीजर हैं। इनमें दो फ्रीजर पहले से उपलब्ध थे जबकि दो पिछले दिनों अस्पताल को दान में मिले हैं। तकनीकी गड़बड़ी के बाद दुरुस्त किए गए दोनों नए फ्रीजर का इस्तेमाल अभी शुरू नहीं हुआ है। इनमें आठ शव रखने की क्षमता है।

अज्ञात शव के मामले में फ्रीजर 72 घंटे के लिए बुक हो जाता है। इसी वजह से शव को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया। निजी कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए दोनों फ्रीजर के संचालन के संबंध में अभी मुख्यालय से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। - डॉ. प्रभुदयाल, एसएमओ, जिला नागरिक अस्पताल, हिसार
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