हिसार। महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) को मंजूरी मिल गई है। 6 अगस्त से हिसार एयरपोर्ट पर महज 370 मीटर की दृश्यता पर भी हवाई जहाज उड़ान भर सकेंगे। अब हिसार एयरपोर्ट पर रात के समय तथा खराब मौसम में भी आसानी से विमानों की लैंडिंग हो सकेगी। हिसार एयरपोर्ट निदेशक ओपी सैनी ने बताया कि 11 जून को आईएलएस की यह स्वीकृति मिली है।
हिसार एयरपोर्ट पर सोमवार को मनाए गए यात्री दिवस के अवसर पर मीडिया से बातचीत में एयरपोर्ट निदेशक ओपी सैनी ने कहा कि शुरुआत में महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट को वीएफआर से संचालित किया जा रहा था। 2025 में इसे विज़ुअल फ़्लाइट रूल्स के तहत संचालित किया जा रहा था। यह इंस्ट्रुमेंट फ्लाइट रूल्स आईएफआर में अपग्रेड हो गया है। पहले वीएफआर में 5000 मीटर की दृश्यता में हवाई जहाज की लैडिंग होती थी। आईएफआर में यह दृश्यता 1200 मीटर तक हो गई थी। अब यह 370 मीटर पर पर आ गई है।
एयरपोर्ट निदेशक ओपी सैनी ने बताया कि जल्द ही जम्मू व अहमदाबाद के लिए भी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। अलायंस एयर इन रूटों पर संचालन की तैयारी कर रही है। उच्चस्तरीय बैठक में जम्मू उड़ान को आगे श्रीनगर तक और अहमदाबाद उड़ान को मुंबई तक विस्तारित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई है। हैंगर को किराये पर देने के लिए भी बातचीत चल रही है।