शिकायत में मलिक अस्पताल के डॉ. एसएस मलिक ने बताया कि वे हेल्थ डिपार्टमेंट से एसएमओ के पद से रिटायर्ड हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने लगभग 25 वर्षों से शहर में मलिक अस्पताल के नाम से चला रहें हैं। मलिक ने बताया की सुरेश कुमार मार्च 2022 में उनके अस्पताल में आया था। उसने अपने आप को बेस्ट हरियाणा सोलर एनर्जी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनकी कंपनी टाटा सोलर पैनल लगाती है। बाद में उसने कंपनी के निर्देशक से मिलवाया। उन्हें बताया कि कंपनी ने 400 किलोवाट क्षमता के पैनल काफी शहरों में लगाए हैं। जिस पर अस्पताल में टाटा कंपनी का ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम लगवाने की 67, 20,000 रुपये में डील हुई। कंपनी ने सोलर सिस्टम लगाने में 45 दिन की बात कही थी, लेकिन इसे लगाने में एक वर्ष का समय लगा दिया। जिसके बाद जब अस्पताल का बिजली का बिल आया तो बिल में कोई भी कमी नहीं आई। उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से बात की तो उन्हें बताया कि निर्देशक से संपर्क करें, लेकिन निर्देशक से संपर्क नहीं हुआ। शक होने पर डॉ. मलिक ने शहर के लोकल एक्सपर्ट को बुलाकर जांच करवाई तो उन्हें बताया गया कि सोलर सिस्टम पर टाटा कंपनी के नकली स्टीकर लगे हुए हैं। सोलर सिस्टम बहुत ही सस्ता व घटिया किस्म का है। इससे कोई बिजली पैदा नहीं होगी। उन्होंने मामले में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने कंपनी के निर्देशक सुशील शर्मा, उसकी पत्नी निशा शर्मा व कर्मचारी सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है।