हांसी। शहर थाना पुलिस ने फर्जी प्रॉपर्टी आईडी और नकली संपत्ति प्रमाणपत्र तैयार कर ठगी करने के आरोप में नगर परिषद के एक कर्मचारी और उसके दो बेटों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कार्रवाई मोहल्ला कुम्हारान निवासी नरेश कुमार की शिकायत और डीएसपी जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। इस बारे में समाधान शिविर में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शहर थाना प्रभारी सुखजीत सिंह ने बताया कि नरेश कुमार ने आरोप लगाया था कि जुलाई 2025 में पिता की संपत्ति वारिसों के नाम करवाने के लिए नगर परिषद कार्यालय जाने पर उसकी मुलाकात कर्मबीर उर्फ समीर से हुई। आरोपी ने अधिकारियों से सेटिंग होने का दावा करते हुए 90 हजार रुपये लेकर मकान नाम कराने की बात कही। बाद में शिकायतकर्ता को संपत्ति प्रमाणपत्र दिया गया।
मार्च 2026 में ऑनलाइन जांच के दौरान पता चला कि प्रमाणपत्र में दर्ज यूनिक प्रॉपर्टी आईडी हांसी में मौजूद ही नहीं है। आरोप है कि दस्तावेज पर नगर परिषद के अधिकारियों की नकली मोहर और फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। डीएसपी जांच और नगर परिषद की सत्यापन रिपोर्ट में दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने शमशेर, कर्मबीर उर्फ समीर और धर्मबीर उर्फ करमू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच एसआई अनिल कुमार को सौंपी है।