हिसार। आखिरकार चार दशक पुराने अर्बन एस्टेट टू क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम ने बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने का टेंडर जारी कर दिया है, जो 7 फरवरी को खुलेगा। पूरे इलाके में 17 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी, जिस पर 9.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से अर्बन एस्टेट टू के साथ-साथ डीसी कॉलोनी-एमसी कॉलोनी में भी जलभराव की समस्या का समाधान होगा। तीनों कॉलोनियों में करीब 8 हजार की आबादी है, जिनके माथे पर बारिश की संभावना बनते ही चिंता के बादल गहराने लगते हैं।
अर्बन एस्टेट टू को करीब चार दशक पहले बसाया गया था। सीवरेज लाइनें हैं, लेकिन बरसाती पानी की निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं होने से यहां के बाशिंदे कई सालों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। मुख्य सड़कों का पानी घरों के आगे भरने लगता है। इस समस्या के कारण लोगों के घरों तक में बरसाती पानी भर जाता है। इस समस्या से बचने के लिए लोगों ने घरों के आगे ऊंचे रैंप बना रखे हैं। हालांकि इससे सड़कों का पानी तो घर में नहीं घुसता, लेकिन घर के अंदर का पानी जब तक सड़कों का पानी उतर नहीं जाए अंदर ही रहता है। आरडब्ल्यूए के महासचिव राकेश आर्य ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
17 हजार मीटर लंबी होगी लाइन
पानी निकासी के लिए 400, 500, 600 व 900 एमएम की 17,237 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा एक इंटर मीडिएट पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा, जो एक जगह एकत्रित हुए पानी का उठान कर आगे की तरफ धकेलेगा। इसमें एक स्क्रीनिंग चैंबर भी बनाया जाएगा, जिसका काम पानी में से मिट्टी, कंकड़ व अन्य कचरे को अलग करना होगा। साथ ही एक पंप चैंबर का निर्माण किया जाएगा। इस सिस्टम का संचालन करने वाले कर्मचारियों के लिए स्टाफ क्वार्टर भी बनाए जाएंगे।
गुरुद्वारा रोड के जरिये तोशाम रोड डिस्पोजल पर भेजा जाएगा पानी
अर्बन एस्टेट टू के अलावा मॉडल टाउन के गुरुद्वारा रोड पर भी बरसाती पानी निकासी की लाइन बिछाई जाएगी। इस लाइन के जरिये अर्बन एस्टेट टू के अलावा डीसी-एमसी कॉलोनी के बरसाती पानी को तोशाम रोड स्थित डिस्पोजल पर भेजा जाएगा।
बरसाती नाले के निर्माण को लेकर टेंडर लगा दिया है। इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने का प्रयास है ताकि लोगों के बारिश के समय जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े। - नीरज, निगमायुक्त
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हिसार मेजर ड्रेन तक भूमिगत बरसाती नाले के निर्माण की अड़चन दूर
- पेड़ों की कटाई की एवज में जनस्वास्थ्य विभाग ने वन विभाग को 16 लाख रुपये जमा करवाए
हिसार। बरवाला चुंगी से हिसार मेजर ड्रेन तक बनाए जा रहे भूमिगत बरसाती नाले के निर्माण में आ रही अड़चन दूर हो गई है। जनस्वास्थ्य विभाग ने वन विभाग को पेड़ों की कटाई की एवज में 16 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। अब जल्द ही पेड़ों की कटाई का काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही बंद पड़े नाले का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। अधिकारियों की मानें तो मानसून से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। बता दें कि बरवाला चुंगी से भैंस फार्म तक खुला बरसाती नाला बना है। इसके माध्यम से ही शहर के ज्यादातर हिस्से से बरसाती पानी की निकासी होती है। इस पानी को भैंस फार्म की खाली जगह पर डाला जाता है। इस कारण कई बार पानी साथ लगते सेक्टर 33 में भी घुस जाता है।
1000 एमएम की बिछाई जा रही है पाइपलाइन: इस प्रोजेक्ट के तहत एक हजार एमएम की दो पाइप एक साथ बिछाई जा रही है। इनकी लंबाई 4800-4800 मीटर है। यह पाइप लाइन बरवाला चुंगी पर बने विभाग के डिस्पोजल से लेकर नेशनल हाईवे के साथ-साथ सेक्टर 33 में से होकर हिसार मेजर ड्रेन तक बिछानी जानी हैं। बरवाला चुंगी डिस्पोजल से पंपसेट की मदद से बरसाती पानी हिसार मेजर ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा। पेड़ों की वजह से लाइन बिछाने का काम बंद पड़ा था। फिलहाल करीब 1200 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी बाकी है। ब्यूरो
वन विभाग के पास 16 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। जल्द ही पेड़ काटने का काम शुरू कर दिया जाएगा। पेड़ कटते ही बची हुई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। मानसून से पहले इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ा दिया जाएगा। - बलकार रेड्ढू, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग