हिसार। पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया की कोठी के बाहर दो संदिग्ध गाड़ियां दिखने के बाद परिवार ने अपनी सुरक्षा पर सवाल उठाया है। इसके चलते पूर्व विधायक के भतीजे दो बार एसपी से मिलने के लिए उनके ऑफिस गए।
लेकिन, उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। ऐसे में उन्होंने ईमेल के जरिये फिर से सुरक्षा मांगी है और अपने घर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। वहीं, उनका कहना है पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर घर के सामने पीसीआर खड़ी कर दी है, जो कभी भी वहां से चली जाती है।
दरअसल, रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र पूनिया ने बताया कि संजीव की रिहाई के अगले ही दिन उनकी कोठी के पास दो एसयूवी दिखी। इन गाड़ियों में हथियारों के साथ बदमाश बैठे थे। इनमें से एक युवक अपनी गाड़ी से रेकी करने के लिए भी उतरा था, जो कोठी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है और उसके पास एक पिस्तौल भी नजर आ रही है। हालांकि, कोठी के अंदर पुलिस और बाहर गार्ड देखकर बदमाश गाड़ी लेकर मौके से भाग गए। इसके बाद से परिवार के लोग काफी डरे हुए हैं और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगा रहे हैंं।
पुलिस प्रवक्ता विकास ने बताया कि जो लोग संदिग्ध गाड़ियों में दिखे थे, उनका पूर्व विधायक की कोठी से कोई मतलब नहीं था। बल्कि, वो व्यापारी थे और यहां पर उन्होंने जमीन ली हुई है। अपनी जमीन देखने के लिए आए थे। उनके साथ में गनमैन थे। जिनके पास लाइसेंस थे।
क्या है मामला : वर्ष 2001 में पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया और उनके परिवार के आठ लोगों की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद से उनके भाई रामसिंह के दो बेटे इस कोठी में रह रहे हैं। तीन दिन पहले ही इस मर्डर केस में उम्र कैद की सजा काट रहे आरोपी संजीव की अंतरिम जमानत पर रिहाई हुई है। आरोपी संजीव पूर्व विधायक रेलूराम का दामाद था, जो मूल रूप से यूपी के सहारनपुर के लक्ष्मणपुरी का रहने वाला है। पूर्व विधायक के दामाद संजीव और उनकी बेटी सोनिया ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते आठ लोगों की हत्या की थी। संजीव के रिहा होने पर यह मामला चर्चा में आ गया है।