खीर और अन्य व्यंजन है लाजवाब
एग्रोनोमी से पीएचडी कर रहे अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी बताते हैं कि भारत उनके लिए दूसरा घर है। हमारे देश में एमएससी के कोर्स अभी शुरू हुए हैं, जिसके कारण उन्हें एमएससी यहीं से की है। यहां की संस्कृति और अफगानिस्तान की संस्कृति मिलती-जुलती है। भारत के त्योहार बहुत पसंद हैं। दिवाली पर यहां काम करने वाले एक कर्मचारी के साथ उसके घर गया था। वहां का माहौल देखकर वहीं रहने का मन हो गया है खीर और और अन्य व्यंजन जिंदगी में पहली बार खाए, जिनका स्वाद लाजवाब था। भारत में पढ़ाई कृषि के लिए अच्छा विकल्प है, जिसके चलते विदेशी छात्र यहां पर पढ़ाई करने के लिए आते हैं।
अच्छी शिक्षा के साथ बेहतर कंटेंट मिलता है
गणित संकाय से जीजेयू में पीएचडी कर इथोपिया देश के छात्र सोलोमोन बताते हैं कि यहां अच्छी शिक्षा के साथ बेहतर कंटेंट मिलता है। इसके साथ उन्होंने बताया कि हर यहां हर महीने कोई न कोई त्योहार आ जाता है। यहां हर त्योहार की अपनी अलग परंपरा है। होली, दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली पर्व में लोगों के साथ शामिल बहुत अच्छा लगता है। त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं जिससे खुशी दोगुनी हो जाती है। खास बात यह है कि भेदभाव बहुत कम है। उनका कहना है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने देश जाकर यहां की संस्कृति को अपनाएंगे।
अध्यापकों का सम्मान यहां सीखा
जीजेयू से प्रबंधन विषय में पीएचडी कर रहे इथाेपिया टैसफाय बताते हैं कि यहां पढ़ाई के दौरान एक बात सबसे अच्छी लगी कि अपने अध्यापकों का आदर करना। जबकि हमारे देश में ऐसा नहीं है एक अध्यापक की विद्यार्थियों की नजर में जो आदर होता है वो यहां से सीखा है। यहां के विवाह के कार्यक्रम बहुत अच्छे लगते हैं। कई बार विवाह के कार्यक्रमों में जाने का मौका मिला तब रस्में आदि देखी ताे मुझे बहुत अच्छी लगी।
यहां के लोग परिश्रमी और मिलनसार हैं
जीजेयू से वनस्पति रोग विज्ञान में पीएचडी कर रहे नाईजीरिया के मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने एमएससी इलाहाबाद से की थी। यहां का वातावरण और शिक्षा बेहतर लगी तो आगे पीएचडी के लिए यहां अप्लाई किया। उनका कहना है कि यहां के लोग काफी परिश्रमी, अनुशासन प्रिय और मिलनसार हैं। उनका कहना है कि एचएयू में रहते हुए ढाई साल हाे गए। हमारे देश में लोग अपने काम से मतलब रखते हैं उनको किसी दूसरे से काई मतलब नहीं होता। भारतीय व्यंजन बहुत पसंद हैं।