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दो माह से नगर निगम कार्यालय में खड़ी पशु पकड़ने के लिए खरीदी गईं दो गाड़ियां, आज तक हाईड्रोलिक सिस्टम लगाने का नहीं हो सका टेंडर

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पुरानी सब्जी मंडी रोड पर मेन रोड पर सड़क पर बैठे गोवंश। - फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम प्रशासन शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त बनाने को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पशु पकड़ने के लिए खरीदी गईं दो गाड़ियां दो माह से निगम कार्यालय में धूल फांक रही हैं। आज तक इन गाड़ियों पर हाईड्रोलिक सिस्टम नहीं लग पाया। इस कारण से इन गाड़ियों का इस्तेमाल भी नहीं हो पा रहा है।
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बता दें कि पिछले वर्ष सितंबर में निगम की एकमात्र पशु पकड़ने वाली गाड़ी कंडम हो गई थी। इसके बाद निगम ने गोशाला से गाड़ी उधार लेकर शहर से कुछ बेसहारा पशु पकड़े। कुछ समय बाद गोशाला ने निगम से गाड़ी वापस ले ली। इसके बाद 19 मई को नगर निगम प्रशासन ने दो गाड़ियां खरीदीं। इन दोनों गाड़ियों पर हाईड्रोलिक सिस्टम लगवाने के लिए दो माह में दो बार टेंडर चुका है। पहली दफा दो एजेंसियों ने आवेदन किया था, लेकिन तकनीकी बोली में दोनों एजेंसियां फेल हो गई थी। इसके बाद दूसरी बार टेंडर लगाया गया है, जिसमें आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई थी।
फरवरी माह से बंद है पशु पकड़ो अभियान
निगम का शहर से बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान फरवरी से बंद पड़ा है। इससे पहले निगम ने पिछले वर्ष सितंबर से बड़े स्तर पर पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया था, जो करीब डेढ़ माह तक लगातार चलने के बाद बंद हो गया था। इस बाद फरवरी तक टुकड़ों में यह अभियान चलाया गया। फिलहाल निगम के गोअभयारण्य में करीब 1200 गाय हैं।
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निकाय मंत्री व मेयर के चुनाव एजेंडे में था शहर को बेसहारा पशु मुक्त बनाना
प्रदेश के निकाय मंत्री एवं हिसार के विधायक डॉ. कमल गुप्ता व मेयर गौतम सरदाना ने चुनाव लड़ते समय अपने चुनाव एजेंडे में शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने का एजेंडा भी शामिल किया था। डॉ. कमल गुप्ता के बतौर विधायक दूसरा कार्यकाल है और दूसरे कार्यकाल में भी दो वर्ष हो चुके हैं। वहीं मेयर गौतम सरदाना के कार्यकाल के तीन साल पूरे हो चुके हैं। शहर की सड़कों पर फिलहाल तीन हजार से ज्यादा पशु घूम रहे हैं।
पशुओं को सड़कों पर चारा डालना बड़ी परेशानी
शहर में काफी जगह बेसहारा पशुओं को सड़कों पर चारा डाला जाता है। पशु चारा खाकर वहीं सड़कों पर बैठ जाते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। यही नहीं काफी पशुपालक इसी लालच में अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। उधर, निगम प्रशासन भी इन चारा डालने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि मेयर कई बार इन लोगों का चालान करने के आदेश दे चुके हैं।
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