इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए डियर पार्क को शिफ्ट किया जाएगा। वन्य विभाग ने इसके लिए सहमति दे दी है। अब वन्य विभाग दूसरी जगह तलाश करेगा। सिविल एविएशन अथॉरिटी की चंडीगढ़ की टीम जल्द ही एरियल सर्वे भी करेगी, जिसके बाद इस प्रोजेक्ट का फाइनल रोडमैप तैयार होगा।
हिसार इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करने के लिए चंडीगढ़ में सिविल एविएशन अथॉरिटी के अधिकारियों ने मीटिंग ली। इसमें हिसार के अधिकारियों को भी बुलाया गया। एडीसी एएस मान, डीआरओ राजेंद्र जांगड़ा, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। वन विभाग, वन्य प्राणी विभाग, बिजली निगम, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर के अधिकारी शामिल हुए, जिसमें कंसलटेंट एजेंसी को सौंपी जाने वाली चार हजार एकड़ जमीन के बारे में जानकारी मांगी, जिसमें अधिकारियों ने बताया कि इस दायरे में आने वाली अधिकतर जमीन सरकारी विभागों की है। जमीन अधिग्रहण के लिए अधिक दिक्कत नहीं आएगी। मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे सिविल एविएशन अथॉरिटी के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह, आईएएस अशोक सांगवान ने कहा कि सभी विभाग इस महीने में ही अपनी जमीन सिविल एविएशन के नाम ट्रांसफर करें। जिसके बाद जिला प्रशासन जल्द जमीन की मुटेशन बदलेगा।
प्रपोजल नंबर दो अपनाया तो शिफ्ट करना पडे़गा डियर पार्क
जिला प्रशासन की ओर से तीन अलग-अलग प्रपोजल दिए गए हैं। इसमें हर प्रपोजल के लिए जमीन की लोकेशन दी है। अगर एयरपोर्ट को बरवाला रोड की ओर बढ़ाया जाएगा तो बरवाला रोड को शिफ्ट करना होगा। अगर प्रपोजल नंबर दो को अपनाया जाएगा तो धांसू रोड स्थित डियर पार्क को शिफ्ट करना होगा। अगर प्रपोजल नंबर तीन को अपनाएंगे तो गोशाला की ओर से जमीन अधिग्रहण करनी होगी।
चंडीगढ़ की टीम करेगी एरियल सर्वे
सिविल एविएशन की टीम इस महीने के अंत तक एरियल सर्वे करेगी। हवाई निरीक्षण में इस एरिया की तकनीकी खामियों और विशेषताओं को जानने का प्रयास किया जाएगा। एविएशन के अधिकारियों की टीम फाइनल रिपोर्ट सीएम मनोहर लाल को सौंपेगी।
चार हजार एकड़ में एनओसी पर रोक
रिपोर्ट के अनुसार हिसार इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एविएशन हब विकसित करने के लिए करीब चार हजार एकड़ से अधिक जमीन को चिह्नित किया गया है। इस जमीन का पूरा रिकॉर्ड मुख्यालय ने हासिल कर लिया है। इस जमीन में किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकेगी। यहां किसी तरह की एनओसी भी जारी नहीं होगी।
एक बाधा वन विभाग की जमीन
एविएशन हब में एक बाधा वन विभाग की जमीन है। प्रस्तावित जमीन में बड़ा एरिया वन विभाग की जमीन है। इस जमीन को नॉन फॉरेस्ट में बदलवाने के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की ओर से मंजूरी ली जाएगी। वन्य प्राणी विभाग की जमीन को भी बदलने के लिए अनुमति हासिल करनी होगी। पीपीपी के तहत बीओटी मोड़ पर एविएशन हब के लिए फरवरी में सिविल एविएशन ने निजी कंपनियों से प्रपोजल मांगे थे। परियोजना को 30 वर्ष की अवधि के लिए कंपनियों के माध्यम से एक इकाई के रूप में या संघ के रूप में विकसित किए जाएगा।
पांच हजार करोड़ एमआरओ का बिजनेस
देश में करीब पांच हजार करोड़ रुपये का एमआरओ का बिजनेस है, जिसमें करीब 90 प्रतिशत हिस्सा देश से बाहर सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, यूएई में जाता है। केंद्र सरकार मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत इस पांच हजार करोड़ के बिजनेस को इंडिया में स्थापित करना चाहती है।
वर्तमान में यह हालात....
हिसार में करीब 4000 फीट लंबी हवाई पट्टी है। नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं है। हवाई जहाज पार्किंग के लिए केवल दो हैंगर हैं। करीब साढे़ आठ करोड़ की लागत से तीन नए हैंगर बनाने का काम चल रहा है। प्रदेश सरकार ने चालू एयरपोर्ट विकास के लिए 50 करोड़ का बजट जारी किया है।
सोमवार को चंडीगढ़ में सिविल एविएशन के अधिकारियों की मीटिंग थी, जिसमें जिला प्रशासन से जो रिपोर्ट मांगी थी, हमने वह उपलब्ध करा दी। जल्द ही चंडीगढ़ की टीम एरियल सर्वे करेगी। अंतिम फैसला मुख्यालय की ओर से ही लिया जाएगा। जल्द ही अच्छी खबर आएगी।
- एएस मान, एडीसी, हिसार