डीसी निखिल गजराज ने फजी मार्कशीट साबित होने पर गांव असरावां की महिला सरपंच को निलंबित कर दिया है। अगले आदेशों तक महिला सरपंच पंचायत की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगी। बहुमत रखने वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच का कार्यभार सौंपा जाएगा।
गांव असरावां में 2016 में हुए सरपंच के चुनाव में सामान्य वर्ग की राजबाला को सरपंच चुना गया था। राजबाला ने जनता मिडल स्कूल बठिंडा पंजाब का आठवीं का प्रमाण पत्र अपने आवेदन के साथ लगाया था। इस गांव के निवासी राजीव ने सरपंच की आठवीं की मार्कशीट को फर्जी बताते हुए पंचायत विकास विभाग में शिकायत दी थी। इस पर विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के जरिये मार्कशीट की जांच कराई। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस बारे पंजाब शिक्षा विभाग के जरिये स्कूल से रिकॉर्ड मांगा। रिकॉर्ड नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग कार्यालय की ओर से सरपंच राजबाला की अंकतालिका को फर्जी बताया। उपायुक्त निखिल गजराज ने मंगलवार को महिला सरपंच राजबाला को सस्पेंड कर दिया। अपने आदेशों में कहा कि अगले आदेशों तक राजबाला पंचायत के कार्य में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। पंचायत में बहुमत रखने वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच को कार्य सौंपा जाएगा। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी मीटिंग बुलाकर फैसला लेंगे। इससे पहले फर्जी मार्कशीट मिलने पर नंगथला के पंच को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं गांव खेदड़ के सरपंच राजबीर को बर्खास्त किया जा चुका है।