संत नगर निवासी अंडर -14 के नेशनल लेवल फुटबॉल खिलाड़ी साहिल की बृहस्पतिवार को प्लेटलेट्स कम होने से मौत हो गई। साहिल पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित था।
उसका शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। चिकित्सकों के मुताबिक प्रथम दृष्टया साहिल की डेंगू के चलते मौत हुई। बुधवार शाम को निजी अस्पताल से सैंपल भेजा गया था। वहीं वीरवार देर शाम हुई रिपोर्ट में डेंगू से मौत होने की पुष्टि हुई है।
अब तक 95 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका डेंगू अब हिसार में जानलेवा हो गया है। प्रदेश में हाई अलर्ट के बाद भी साहिल की डेंगू से मौत की भनक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं लग पाई।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने डेंगू को लेकर आदेश जारी किए थे कि प्रतिदिन डेंगू के मरीजों की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। वहीं परिजन साहिल की मौत को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इसका कारण यह है कि शांतिनगर इलाके में तीन से चार बार फॉगिंग व लार्वा की जांच करवाई जा चुकी है। मगर संतनगर इलाके में डेंगू के मरीज मिलने के बाद भी अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई।
संत नगर में रहने वाले जसवंत का कहना है कि वे ऑटो मार्केट में मैकेनिक का काम करते है। उन्होंने बताया कि उनका छोटा बेटा साहिल शहर के मॉर्डन स्कूल मे नौवीं कक्षा में पढ़ता था। पढ़ाई के साथ-साथ फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी था । नेशनल लेवल पर साहिल ने कई मेडल जीते है।
उन्होंने बताया कि रविवार को खेलने के बाद जब साहिल घर पहुंचा तो तबीयत खराब थी। उसने कहा कि पेट में दर्द हो रहा है। साहिल को चिकित्सक को दिखाया तो आराम हो गया। उसके बाद फिर से साहिल की तबीयत बिगड़ गई और तेज बुखार चढ़ गया।
दो दिन पहले बेटे को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टर ने डेंगू बुखार होने की बात कही। ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया। बृहस्पतिवार सुबह उपचार के दौरान बेटे की मौत हो गई। निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने कार्डियोलॉजी टेस्ट करवाया, जिसमें प्लेटलेट्स बहुत कम बताई गई थी।
नहीं हुई फॉगिंग, नहीं आए कर्मचारी
सहिल के भाई निशांत ने बताया कि साहिल अच्छा भला था और अचानक ऐसे कैसे डेंगू हो गया। हमारे परिवार या पड़ोस में किसी को बुखार तक नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस इलाके में कोई फॉगिंग नहीं की है और न ही लार्वा की जांच की है।
इनका कहना है
केस की हिस्ट्री देखी जा रही है। घर का माहौल ऐसा नहीं है कि परिजनों से बात की जा सके। निजी अस्पताल के चिकित्सकों से मिली जानकारी के मुताबिक साहिल में डेेंगू के लक्षण मिलने की बात सामने आई है। - डॉ. जेएस ग्रेवाल, सीएमओ