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जम्मू-कश्मीर की बाढ़ में फंसे फौजी किशन ने कहा, मां मेरे बच्चों का ख्याल रखना

Thu, 11 Sep 2014 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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बेटा मेरा तो दिल पहले से ही बैठा हुआ है। कोई बुरी खबर तो नहीं लाए। मैं तो रविवार वाले दिन से ही परेशान हूं। बुजुर्ग मां के चेहरे पर चिंता की झुर्रियां साफ दिखाई दे रही थीं।
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बेटा मेरे किशन का रविवार को फोन आया था। किशन ने तो मेरा दिल ही निकाल दिया, बोला मां मैं बाढ़ में फंस गया हूं, जिंदा रहूंगा या नहीं।



मेरे बच्चों का तुम्हें ख्याल रखना है, इतना बताते ही ऋषि नगर निवासी हवलदार किशन की मां बद्दो देवी बिलख-बिलखकर रोने लगी। आंखों से आंसू बहते जा रहे थे।



पत्नी सुदेश पिछले तीन दिनों से फोन को हर दम पास रखती है कि कब घंटी बजे और सलामती का मैसेज आए। ये दास्तां आर्मी में भर्ती सैनिकों के परिवारों की है।



हिसार के सपूत जम्मू कश्मीर में अपनी सेना के बेस कैंप में हैं। परिवार को सूचना मिली है कि कई यूनिट बाढ़ में बह गई हैं। वहीं सेक्टर-14 निवासी राजकुमार भी तैनात हैं लेह-लद्दाख की हाफ किनार यूनिट 54 में।


पत्नी सुदेश का कहना है कि उनके पति किशन आर्मी में वेटर्नरी डॉक्टर हैं। हवलदार किशन एक महीने पहले ही लेह-लद्दाख में हिसार घोड़ा फार्म बेस कैंप से ट्रांसफर होकर गए थे।
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पति का रविवार को किसी नंबर से फोन आया था। पहले कॉल की तो दो मिनट बात हुई। उन्होंने कहा अभी तक तो मैं ठीक हूं। मेरी जिंदगी का कोई भरोसा नहीं मां से बात कराओ।



मां से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरे बच्चों का ख्याल रखना। इतना कहते ही फोन अचानक कट गया। यह सुनकर पूरा परिवार बिलख-बिलख कर रोने लगा।



पत्नी का कहना है कि कुछ समय बात उनके पति ने किसी और नंबर से कॉल की और कहा कि रोने की कोई बात नहीं है, तुम सभी हौसला रखो। फोन शायद अब मैं ना कर पाऊं, यहां सब बह चुके हैं। मोबाइल फोन और टेलीफोन सुविधा ध्वस्त हो चुकी है। जब ठीक होगी, जिंदा रहा तो बात हो जाएगी।



 
पत्नी रहती है फोन के इंतजार में


पत्नी सुदेश का कहना है कि पति किशन का कब फोन आ जाए, वह पिछले तीन दिन से मोबाइल से पल भर के लिए भी दूर नहीं जा रही। टीवी पर पूरा दिन परिवार निगाहें ताके हुए हैं।



11 साल का बेटा हर्ष और 9 साल की बेटी वर्षा स्कूल से आते ही ये पूछते हैं कि मम्मी! पापा का फोन आया या नहीं। गली-मोहल्ले में केवल उनके बारे में कोई सूचना आने की बातें पूछी जाती हैं।



मां है तो पूरा दिन उनकी चिंता कर रोती रहती है। मन बहलाने के लिए गली की औरतों में जाकर बैठ जाती है। घर आते ही किशन का जिक्र शुरू कर देती है।


फौजी राजकुमार से मिली थी सूचना ठीक हैं किशन


पत्नी सुदेश का कहना है कि रविवार के बाद उनकी पति से तो बात नहीं हो पाई, लेकिन सेक्टर 14 निवासी फौजी राजकुमार से बात हुई थी।



वे भी लेह-लद्दाख में ही तैनात हैं। उन्होंने फोन कर बताया था कि किशन ठीक होंगे। वे लेह-लद्दाख में हाफ किनार यूनिट 54 में हैं जिसमें सभी के सकुशल होने की सूचना है।



जब तक उन्हें देख नहीं लेती, दिल को तसल्ली तो नहीं, फिर भी यकीन करना पड़ रहा है कि वे जरूर सलामत होंगे। सुदेश कहती हैं कि राजकुमार भी जम्मू कश्मीर में बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। दोनों आपस में केवल इसलिए जानते हैं कि उनके बच्चे और किशन के बच्चे आर्मी स्कूल में एक साथ पढ़ते हैं।
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