हिसार। बरवाला विधानसभा क्षेत्र में 9 गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पिछले करीब 20 दिन से इन गांवों में खेतों में दूर दूर तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। इन 9 गांव में करीब 10 हजार एकड़ में फसल पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं। पानी निकासी की संभावना नहीं दिख रही। ऐसे में अभी फसल लगाने का विकल्प भी नजर नहीं आ रहा।
बरवाला उपमंडल के गांव खोखा, सुलखनी, भगाना, खरकड़ी, नियाना, मिर्जापुर, खरड़, शिकारपुर, रायपुर में फसलों में बरसाती पानी भरा हुआ। कृषि विभाग ने प्राथमिक सर्वे में इन फसलों में 25 से 50 प्रतिशत तक का आकलन माना है। किसानों का दावा है कि इन गांवों में शत प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। कपास, बाजरा, मूंग, धान की फसल 75 से 100 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई है। करीब 15 दिन पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव मौके पर पहुंचे थे। पिछले सप्ताह मंत्री रणबीर गंगवा ने भी एरिया का मुआयना कर पानी निकासी के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग की ओर से खेतों से पानी निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। खेतों से पानी निकालने में काफी समय लगेगा। तब तक फसल के बचे रहने की संभावना नहीं है। डूबे रहने के कारण फसल गल कर खत्म हो गई हैं।
वर्जन
जलभराव की निकासी के लिए सिंचाई विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक पानी की निकासी का काम पूरा नहीं हो सका है। इन गांवों में सेम की समस्या होने के कारण भी परेशानी हो रही है।सभी खंड कृषि अधिकारियों से लगातार रिपोर्ट ली जा रही है।
डॉ. राजबीर सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग ,हिसार
हमारे क्षेत्र के 9 गांवों में बरसाती पानी के कारण फसल तबाह हो गई है। इस एरिया में भूजल स्तर काफी ऊंचा है। थोड़ी सी बारिश के बाद ही जलभराव हो जाता है जिसके बाद पानी की निकासी के प्रबंध नहीं है। ऐसे में किसानों के काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीद भी नहीं है। -जिले सिंह, किसान
किसानों को हर बार नुकसान होता है। हमारे क्षेत्र में एक ड्रेन बनाए जाने की जरूरत है। इसके अलावा पानी निकासी के लिए मोटर लगवानी चाहिएं। पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा को इस बारे में अवगत कराया है। इन गांवों में पानी भरा होने के चलते चारा संकट भी खड़ा हो गया है। हर किसान को लाखों का नुकसान है। -सुंदर सिंह सहरावत, किसान