आग बुझाने के लिए दीवार तोड़ते दमकल कर्मचारी।
- फोटो : Hisar
उदयपुरियां मोहल्ला में शाम को एक फर्नीचर की दुकान में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सूचना पाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और साढ़े तीन घंटे की मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया गया। आग इतनी भीषण थी कि दमकल कर्मियों को आग बुझाने दुकान की ही दीवार को तोड़ना पड़ा। इस घटना से दुकान मालिक को लाखों का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। उधर आग लगने की सूचना मिलते पर थाना पुलिस व मेयर गौतम सरदाना के अलावा निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
पूर्व पार्षद पंकज दीवान ने बताया कि यह दुकान उनके चाचा हरिकिशन की है। इसी महीने की 16 तारिख को उनका देहांत हो गया था। इस कारण से दुकान बंद पड़ी थी। दुकान के साथ ही गोदाम भी है, जिसका गेट दूसरी गली में है। पंकज दीवान के मुताबिक सूचना देने के आधे घंटे के बाद फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि गोदाम तक आग नहीं पहुंची। आग के कारणों का पता नहीं चला है, लेकिन कुछ बच्चे रावण का पुतला जला रहे थे और पटाखे भी बजा रहे थे। संभावना है कि पटाखों के चलते यह आग लगी है।
दस गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
सीनियर फायरमैन महावीर प्रसाद ने बताया कि उन्हें शाम करीब साढ़े बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही मौके के लिए दो गाड़ियां रवाना की गई, लेकिन तेजी से फैल रही आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस पर दमकल विभाग की तरफ से एक के बाद आठ और गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दुकान ज्यादा बड़ी होने के कारण उन्हें दुकान की दीवार को भी तोड़ना पड़ा, तब जाकर आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। दुकान में धुआं ज्यादा होने के कारण पानी के साथ-साथ उन्हें फोम का भी इस्तेमाल करना पड़ा।
दुकान में नहीं थे आग बुझाने के यंत्र
सीनियर फायरमैन के मुताबिक दुकान काफी तंग गली में थी, जिससे आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। इतना ही नहीं दुकान में आग बुझाने के लिए न तो पानी की व्यवस्था थी और न ही अग्निशमन यंत्र थे।