हांसी। मॉडल टाउन में पुराने बूस्टिंग स्टेशन को तोड़ने के दौरान मजदूर दीपक की मौत के मामले में पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। आर्थिक सहयोग देने के लिए परिजनों व ठेकेदारों के बीच दो दौर की वार्ता हुई। जिसमें ठेकेदार ने आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं विधायक ने भी परिजनों को सरकार की तरफ से दो लाख रुपये की मदद का आश्वासन दिया।
नागरिक अस्पताल में शुक्रवार सुबह ही पीरांवाली निवासी मृतक दीपक के परिजन, भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिलास्तर के पदाधिकारी पहुंचने शुरू हो गए। मृतक मजदूर के समर्थन में व्यापारी नेता प्रवीण पायल, पार्षद आशीष पिंकु, कांग्रेस नेता मनोज राठी व अन्य नेता भी पहुंचे। वहीं ठेकेदार के समर्थन में जिले के कई ठेकेदार पहुंचे। मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौते के पेशकश रखी गई। दूसरी बार की वार्ता में आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया। ठेकेदार की तरफ से मृतक के आश्रितों को 17 लाख रुपये की मदद करने का आश्वासन दिया गया।
इसके अलावा लेबर विभाग की तरफ से पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। वहीं विधायक विनोद भयाना भी सुबह साढ़े दस बजे नागरिक अस्पताल में परिजनों से मिले। विधायक ने उन्हें दो लाख रुपये की सरकारी मदद का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि अगर सरकारी मदद नहीं मिली तो वह अपने स्तर पर मदद देंगे। दोपहर डेढ़ बजे ठेकेदार की तरफ से आर्थिक मदद के आश्वासन के बाद पुलिस ने दीपक के भाई राजेश के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा।
शहर थाना प्रभारी सदानंद ने बताया कि मृतक के भाई के बयान पर कार्रवाई की गई है। ठेकेदार शीशपाल ने बताया कि मृतक के आश्रितों को हरसंभव आर्थिक सहायता देंगे। बता दें कि मॉडल टाउन में बूस्टिंग स्टेशन की जगह पर 3.43 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण होना है। यहां पर एक कुएं के ऊपर कमरा बना हुआ था। वीरवार शाम 2 मजदूर कुएं के ऊपर बने लेंटर के सरिए को काट रहे थे। तभी अचानक एक मजदूर ऊपर से नीचे कुएं में गिर गया और लेंटर का मलबा उसके ऊपर गिर गया। जिससे मजदूर दीपक मलबे में दब गया और उसकी मौत हो गई। भवन के निर्माण का काम हिसार के एक ठेकेदार को दिया हुआ है। मृतक मजदूर दीपक विवाहित था व उसके तीन बच्चे हैं। दो बेटी व एक बेटा है। बताया जा रहा है कि पत्नी सहित तीनों बच्चे व मां उसी पर आश्रित थी।