बता दें कि तलवंडी राणा के ग्रामीणों के लिए बॉटलिंग प्लांट से एयरपोर्ट की चहारदीवारी के साथ-साथ एनएच 9 तक सड़क बनाई जानी है। जिस जमीन पर सड़क बनाई जानी है, उसमें वन विभाग की भी जमीन है। इस जमीन को बीएंडआर अपने अधीन लेगा और बदले में उसे एयरपोर्ट की अतिरिक्त जमीन दी जाएगी। यह जमीन वन विभाग को दी जा चुकी है और वन विभाग की जमीन बीएंडआर को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। साथ ही अभी पेड़ काटने को लेकर वन विभाग की एनओसी भी लंबित पड़ी है। ग्रामीणों के लिए बनाई जाने वाली सड़क की लंबाई 2.4 किलोमीटर व चौड़ाई 7.5 मीटर होगी।
ग्रामीणों के धरने को हुए 290 दिन
उधर, स्थायी रोड निर्माण की मांग को लेकर जारी तलवंडी राणा रोड बचाओ संघर्ष समिति के धरने को बुधवार को 290 दिन पूरे हो गए। समिति प्रधान एडवोकेट ओपी कोहली ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। कोहली ने कहा कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है।
राणा डिस्ट्रीब्यूटरी पर पुल बनाने का काम शुरू, छोटे वाहनों को होगा फायदा
सिंचाई विभाग की तरफ से राणा डिस्ट्रीब्यूटरी नहर पर 27 फुट चौड़ा पुल बनाने का काम शुरू किया गया है। केश कला एवं कौशल विकास बोर्ड के निदेशक नरेश सेलपाड़ ने बताया कि जल्द ही यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा। इस अस्थायी रास्ते पर पुल बनने से तलवंडी राणा गांव की दूरी वाया रोड 22 किलोमीटर से घट कर महज 9 किलोमीटर ही रह जाएगी। इस रास्ते से छोटे वाहन आसानी से जा सकेंगे। नरेश सेलपाड़ ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणाों की मदद से 16 फुट कच्चा व अस्थायी रास्ता डीसीएम नाले के साथ तैयार किया था। मगर राणा डिस्ट्रीब्यूटरी इस रास्ते में बाधा बन रही थी। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इस रास्ते पर पुल बनवाने की मांग की थी ताकि गांव से दूध, सब्जी एवं दूसरे प्रकार के आवश्यक सामान की आपूर्ति कम लागत व कम समय हो सके। नरेश सेलपाड़ की मानें तो इस अस्थायी रास्ते पर पुल बनने से तलवंडी राणा के अलावा जुगलान, बीड़-बबरान, धिकताना, धांसू, बहबलपुर, बाडो पट्टी, खेड़ी बर्की, सुलखनी, राजली सहित बरवाला की तरफ आने वाले वाले छोटे वाहन चालकों को फायदा होगा।
हिसार-तोशाम रोड की मजबूतीकरण के लिए लगाया टेंडर
उधर, बीएंडआर ने हिसार-तोशाम रोड की मजबूतीकरण के लिए टेंडर लगाया है। इस हिस्से की लंबाई करीब 20 किलोमीटर है। इस हिस्से के मजबूतीकरण पर करीब 27.84 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। बता दें कि डाबड़ा से तोशाम तक सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। काफी समय से इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई जा रही थी। इस सड़क के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने इस सड़क निर्माण के लिए बजट को मंजूरी दी थी।
अभी टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोली गई है। 4-5 दिन में टेंडर अलॉट हो जाएगा। वन विभाग की एनओसी की फाइल पर कुछ आपत्ति लगा दी गई थी, जिसे ठीक करके दोबारा से भेज दिया गया है। -
रजनीश सिंह, एक्सईएन, बीएंडआर