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कोरोना जंग के साथ मां का फर्ज निभा रहीं महिला चिकित्सक

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अपनी जुड़वा बहने प्रणवी और पूर्णिमा के साथ खेलते हुए दिव्य शेखर। - फोटो : Hisar
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कुलदीप जांगड़ा
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हिसार। महिला चिकित्सक एक तरफ तो कोरोना को हराने में जुटी हैं तो दूसरी तरफ अपने बच्चों के लिए भी मां का फर्ज निभा रही हैं। कोरोना के चलते कुछ महिला चिकित्सकों की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में व अन्य जगहों पर लगी हुई है। ऐसे में वे काफी दिनों से घर नहीं जा पा रही हैं। कोरोना से जंग के बीच वे अपने बच्चों से वीडियो कॉल कर उन्हें दुलार रही हैं। अमर उजाला टीम ने कुछ महिला चिकित्सकों से बातचीत।
वीडियो कॉल से दुलारती हूं बेटे को
मेरा पांच साल का बेटा है और क्वारंटीन का समय बिताने के बाद मैंने फिर से ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। पहले मेरी ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में लगी थी, जिससे मैं कई दिनों तक घर नहीं जा पाई थी। ऐसे में बेटा कई बार मिलने की जिद करता है तो भावुक होकर मेरी आंखें भी भर आती हैं। मैं दिन में कई बार बेटे को वीडियो कॉल कर उसे दुलारती हूं।
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- डॉ. रिपनजीत कौर, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार
एक वर्ष के बेटे को घर छोड़ कर रही हूं ड्यूटी
मैं और मेरे पति दोनों डॉक्टर हैं और हम दोनों लगातार बिना छुट्टियों के देश सेवा में ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में बच्चों से मिलने के लिए बहुत कम समय मिलता है। मेरे पति को घर आए हुए एक महीना हो चुका है और मैं भी बच्चों के लिए बहुत कम समय निकाल पाती हूं। मेरी एक वर्ष की बिटिया है, जिससे मैं वीडियो कॉल से भी बात नहीं कर पाती। ऐसे में सात वर्ष का बेटा उसका ख्याल रखता है।
- डॉ. मंजू हुड्डा, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार
जब मम्मी और पापा ड्यूटी पर चले जाते हैं उसके बाद मैं अपनी बहन के साथ दिनभर खेलता रहता हूं। मेरे अलावा घर पर दादी और बुआ भी रहती हैं।
अयान, डॉ. मंजू हुड्डा का बेटा
इस संकटकाल में बढ़ गई जिम्मेदारी
कोरोना संकट में बिना छुट्टी किए ड्यूटी दे रही हूं, क्योंकि यही समय देश सेवा में अपनी भूमिका निभाने का है। मेरी एक वर्ष की बिटिया है, जिससे मैं दूर रहकर भी वीडियो कॉल से भी बात नहीं कर सकती। जब ड्यूटी के लिए घर से निकलती हूं तो एक समय उसे छोड़कर जाने का मन नहीं करता। मगर इस समय मेरा कर्त्तव्य और अधिक बढ़ जाता है।
- डॉ. मीना मलिक, महिला रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार
सवा साल की जुड़वा बेटियों को घर छोड़ कोरोना जंग में जुटा चिकित्सक दंपती
मैं और मेरे पति दोनों डॉक्टर हैं, जिससे बच्चों से मिलने के लिए बहुत ही कम समय मिलता है। मेरी सवा साल की जुड़वा बेटियां और 10 वर्षीय बेटा है। ऐसे में जब ड्यूटी के लिए घर से निकलती हूं तो उन्हें देखकर कलेजा मुंह को आने लगता है। मगर अस्पताल के अन्य स्टाफ के साथ रहकर मन को शांति मिलती है। मैं पूरी निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी में लगी हूं।
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- डॉ. मनीषा शर्मा, महिला रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार
मम्मी के ड्यूटी पर जाने के बाद मैं दोनों बहनों को अपने तो दद्दू के पास लेकर चला जाता हूं और वहां पर तीनों भाई-बहन मस्ती करते रहते हैं।
- दिव्य शेखर, डॉ. मनीषा शर्मा का बेटा

डॉ. मंजू हुड्डा- फोटो : Hisar

डॉ. रिपनजीत कौर- फोटो : Hisar

डॉ. मनीषा शर्मा- फोटो : Hisar

डॉ.मीना मलिक- फोटो : Hisar

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