हिसार। छोटा परिवार-सुखी परिवार को प्राथमिकता देने में महिलाएं पुरुषों से कहीं ज्यादा जागरूक हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसके प्रमाण हैं। जिले में अप्रैल से अक्तूबर तक मात्र 16 पुरुषों ने नसबंदी कराई है, जबकि इसकी तुलना में 4325 महिलाओं ने नलबंदी कराकर परिवार नियोजन में अहम भूमिका निभाई है।
स्वास्थ्य विभाग ने 2024-2025 में 200 पुरुषों की नसबंदी करवाने का लक्ष्य रखा है। इसके मुताबिक अक्तूबर 117 पुरुषों को नसबंदी करवानी थी, यानि विभाग को हर माह 16 पुरुषों की नसबंदी करनी थी, जबकि हर माह की औसत 2 आई है। यानी महज 16 लोगों ने नसबंदी करवाई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जब पुरुषों की स्क्रीनिंग की तो पता चला कि उन्हें इस बात का भ्रम है कि नसबंदी करवाने पर शरीर में कमजोरी आ जाती है। दूसरा बड़ा कारण नसबंदी करवाने के बजाय अस्थायी विकल्प अपनाने में पुरुष अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं। लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के 200 एमपीएचडब्ल्यू अब धरातल पर उतरकर पुरुषों को जागरूक करेंगे।
एक एमपीएचडब्ल्यू को एक साल में एक नसबंदी का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग ने 200 एमपीएचडब्ल्यू की ड्यूटी तय कर दी है। खास बात है कि हर एमपीएचडब्ल्यू को एक साल में मात्र एक पुरुष को नसबंदी करवाने के लिए राजी कराना है। ये कर्मचारी इस काम को पूरा कर लेते हैं तो स्वास्थ्य विभाग आसानी से लक्ष्य पूरा कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में नसबंदी के प्रति फैले भ्रम को दूर कराने के लिए मुनादी भी करवाई जा रही है। रेडियो पर भी इसका विज्ञापन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिया जाएगा।
अगले सप्ताह दंपती की पहचान करेंगे कर्मचारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अगले सप्ताह नसबंदी जागरूकता कैंप लगाया जाएगा, जिसमें चिकित्सक से लेकर एमपीएचडब्ल्यू ऐसे दंपती की पहचान करेंगे, जिनमें पुरुष नसबंदी को लेकर भ्रम है। ऐसे लोगों को नसबंदी से जुड़े तथ्यों की सटीक जानकारी दी जाएगी। उन्हें नसबंदी करवाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। संवाद
अप्रैल से अक्तूबर नसबंदी-नलबंदी का विवरण
माह - पुरुष - महिला
अप्रैल - 03 - 511
मई -05 - 1067
जून - 03 - 1206
जुलाई - 01 - 434
अगस्त - 02 - 452
सितंबर - 01 - 349
अक्तूबर - 01 - 306
कुल योग - 16 - 4325
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नसबंदी को लेकर पुरुषों में भ्रम की स्थिति है। इस साल अक्तूबर तक केवल 16 पुरुषों ने ही नसबंदी कराई, जबकि इसी अवधि में 4325 महिलाओं ने नलबंदी करवाई है। जल्द ही कैंप लगाकर पुरुषों को जागरूक किया जाएगा। - अनामिका बिश्नोई, उप-सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग।