फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar: लंपी का खतरा बरकरार, सर्दी के बाद बढ़ सकता है संक्रमण, इस साल जिले के ढाई हजार गोवंश आए चपेट में

Thu, 29 Dec 2022 10:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

92 की मौत हुई थी। 1.65 लाख गोवंशों का टीकाकरण हुआ है। सर्दी के बाद गर्मी शुरू होने पर एक बार फिर इसका असर दिख सकता है। इसलिए पशुपालकों को सावधानी रखनी होगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के हिसार में गोवंश के लिए खतरनाक बीमारी लंपी का प्रभाव भले ही कम हो गया है, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। इस बीमारी का असर अभी पश्चिम बंगाल में बना हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सर्दी के बाद गर्मी शुरू होने पर एक बार फिर इसका असर दिख सकता है। इसलिए पशुपालकों को सावधानी बरतनी होगी।

विज्ञापन


एलएसडी या लंपी गोवंश में होने वाला एक प्रकार का चर्म रोग है जो पॉक्स समूह के वायरस से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार ने लंपी प्रोवैक आईएनडी नाम से वैक्सीन भी बना ली है। उम्मीद है कि फरवरी में यह वैक्सीन बाजार में उपलब्ध होगी।

अपने जिले में जुलाई में फैली इस बीमारी से करीब ढाई हजार गोवंश प्रभावित हुए थे। सितंबर में शुरू हुए टीकाकरण के बाद बीमारी नियंत्रित हुई और अक्तूबर से अब तक कोई नया केस नहीं मिला है। फिर भी अभी बीमारी का खतरा बना हुआ है। वजह यह कि इस बीमारी को फैलाने वाले वायरस का असर अभी भी पश्चिम बंगाल में बना हुआ है। गर्मी शुरू होने पर दोबारा पशुओं के संक्रमित होने का खतरा है।
विज्ञापन


करीब 100 गांव हुए थे प्रभावित
एक जुलाई से 30 सितंबर के बीच पशुपालन विभाग ने इलाज के जो आंकड़े एकत्रित किए, उसके अनुसार जिले में कुल 2502 पशु बीमार हुए। जिनमें से 1963 गोवंश ग्रामीण इलाके में तथा 539 गोशालाओं में थे। इलाज के दौरान 92 पशुओं की मौत हुई, जिनमें से 88 ग्रामीण व 4 गोशाला में थे। कुल 2410 गोवंश इलाज से ठीक हुए, जिनमें से 1875 ग्रामीण इलाके व 535 गोशाला के थे।

जिन गोवंश को अभी तक टीका नहीं लगा है, उनके बीमार होने का खतरा है। अभी पश्चिम बंगाल में बीमारी का असर दिख रहा है। इसलिए पशुओं के लिए पौष्टिक चारा व उनके बांधने के स्थान की साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें। लंपी की वैक्सीन जल्दी ही बाजार में आ जाएगी। - डॉ. नवीन कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें