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Haryana: हिमाचल के सात, यूपी के दो घोड़ों में ग्लैंडर्स की पुष्टि, हिसार में जांच के लिए आए थे 30 नमूने

Thu, 29 Dec 2022 09:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

इस साल जनवरी से अब तक 91 केस मिले हैं। सबसे अधिक 46 केस यूपी में मिले हैं। हरियाणा के पांच जिलों में 10 घोड़े संक्रमित मिल चुके हैं। यूपी के अलीगढ़ से आए दो सैंपल में भी ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई है। 
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विस्तार
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हरियाणा के हिसार में स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) में परीक्षण के लिए आए ग्लैंडर्स के 30 नमूनों में से 9 में बीमारी की पुष्टि हुई है। सात घोड़े हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर के एक ही मालिक के हैं, जबकि दो घोड़े यूपी के अलीगढ़ जिले के रहने वाले व्यक्ति के हैं। देश में अब तक ग्लैंडर्स के 91 केस मिल चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 46 केस यूपी में, हरियाणा के पांच जिलों में 10 घोड़े संक्रमित मिले। 

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कुछ दिन पहले पालमपुर में तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स जैसे लक्षण दिखने पर पशुपालन विभाग ने प्रारंभिक रिपोर्ट अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार को भेजी थी। एनआरसीई की एक टीम वहां सैंपल लेने गई थी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हरिशंकर सिंघा ने बताया कि सैंपल की जांच में सात घोड़ों में बीमारी की पुष्टि हुई। इनमें से तीन घोड़ों की जांच के दौरान मौत हो गई, जबकि चार अभी जीवित हैं। सभी घोड़े एक ही अश्व पालक के हैं। इसके अलावा यूपी के अलीगढ़ से आए दो सैंपल में भी ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई है। 

प्रदेश               केस    प्रभावित जिले
उत्तर प्रदेश        48     आगरा, अलीगढ़, बागपत, बहराइच, बिजनौर, गौतमबुद्घनगर, गोंडा, हरदोई, कौशांबी, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, महराजगंज, मुरादाबाद, श्रावस्ती, सीतापुर
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हिमाचल           11      कुल्ल, कांगड़ा के पालमपुर
हरियाणा          10    फरीदाबाद, झज्जर, जींद, रोहतक, सिरसा
उत्तराखंड         08    बागेश्वर, देहरादून
जम्मू कश्मीर     01    ऊधमपुर
मध्य प्रदेश        02    शिवपुरी
महाराष्ट्र            01    सोलापुर
गुजरात            04    अहमदाबाद, आनंद
आंध्र प्रदेश        02    गुंटूर
राजस्थान          04    झुंझुनू, जयपुर, अलवर

ग्लैंडर्स के मामले लगातार आ रहे हैं। राज्यों सरकारों को अधिक से अधिक जांच के सुझाव दिए जा रहे हैं। यह खतरनाक बीमारी है, अश्व पालक सतर्कता बरतें। - डॉ. तरुण कुमार भट्टाचार्य, निदेशक अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार

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