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... और पिता ने मजदूरी कर तीन बेटियों को बना दिया काबिल

Sun, 19 Jun 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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पिता के बुलंद हौसले और विश्वास से बनी काबिल इंसान... - फोटो : bureau
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किसी भी बच्चे के जीवन में उसके माता-पिता का विशेष महत्व होता है। बच्चे के लिए उसका पहला, दोस्त, अध्यापक और उसका सच्चा संरक्षक उसके माता-पिता ही होते हैं। एक और जहां मां अपने बच्चे को लाड़-प्यार से दुनिया की हर खुशी देना चाहती है, वहीं पिता अपने बच्चों को मजबूत बनाकर उसे विकट परिस्थितियों का सामना करने का हौसला प्रदान करते हैं।
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हर वर्ष फादर्स-डे जून माह के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। इस बार फादर्स-डे 19 जून रविवार को मनाया जाएगा। कहा जाता है कि मां का अपने बेटों में, जबकि पिता का अपनी बेटियों में अधिक प्यार होता है। किसी भी परिवार में पिता का अपना अहम रोल होता है। पिता को ही अपनी आमदनी के सहारे परिवार की देखभाल करनी होती है।  

मोहल्ला काला पत्थर निवासी रमेश खुराना ऐसे ही एक अनुकरणीय उदाहरण है। रमेश मूलरूप से तो मोहल्ला काला पत्थर निवासी है, लेकिन वह जयपुर में मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन बेटियां हैं। खुराना की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उनका हौसला कभी कम नहीं हुआ।
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किसी तरह मजदूरी करके वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपनी बेटियों को पढ़ाया है। अभी भी उनकी दो बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। आज उनकी यही मेहनत रंग लाई है, जो उनकी बड़ी बेटी तनु खुराना पढ़-लिखकर भिवानी कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर है। यही नहीं तनु ने स्टेनोग्राफर में पूरे हरियाणा में टॉप किया।

मेरे लिए तो साल का हर दिन फादर्स-डे : तनु
तनु ने बताया कि वह एक गरीब परिवार में जरूर पैदा हुई है, लेकिन अपने पिता के प्यार और हौसले के चलते उन्होंने अपने आपको गरीब महसूस नहीं किया। उन्होंने कहा कि पैसों की तंगी के बावजूद उनके पिता ने उनकी सभी जरूरतों को पूरा किया।

उन्हें और उनकी बहनों को पढ़ाया-लिखाया और इस काबिल बनाया कि आज वह स्वयं अपने पैरों पर खड़ी हैं। तनु ने बताया कि पढ़ाई के दौरान ऐसे हालात भी आए, जब उन्हें घर का खर्चा चलाने के लिए नौकरी भी करनी पड़ी, लेकिन उनके पिता ने उनसे कभी नौकरी के लिए या कोई और काम के लिए जोर-जबरदस्ती नहीं की।

वह सदैव उनके साथ दोस्त के रूप में उन्हें पढ़-लिखकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे। तनु ने एसडी महिला महाविद्यालय से बीए की है और स्टेनो का कोर्स भी किया है। हाल ही में उनकी भिवानी कोर्ट में स्टेनो की नौकरी भी लगी है।
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