फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता को बेजुबां जानवरों से था प्यार, पशु चिकित्सक बनने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे भाई-बहन

विज्ञापन
मुकेश और सोनू अपने परिवार के साथ्‍ा। - फोटो : Hisar
विज्ञापन
हिसार। आजाद नगर निवासी 45 वर्षीय खेताराम शास्त्री को बेजुबां जानवरों से काफी लगाव था। वे उनके दर्द को समझने के लिए अपने बेटा-बेटी को पशु चिकित्सक बनाना चाहते थे। पिता खेताराम शास्त्री गांव गुरेरा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में संस्कृत विषय के लेक्चर व कार्यवाहक प्राचार्य पद पर कार्यरत थे। 31 मई को कोरोना संक्रमण के कारण उनकी मौत हो गई। अब अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए मुकेश और उसकी बहन सोनू पशु चिकित्सक बनने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वे दोनों लुवास में वेटनरी सर्जन कोर्स में तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन

सोनू ने बताया कि वे मूल रूप से गांव रावलवास खुर्द के रहने वाले हैं। हालांकि 2011 से पूरा परिवार आजाद नगर में रहता है। वह अपने भाई मुकेश के साथ एचएयू के कैंपस स्कूल में पढ़े। रास्ते में पशु चिकित्सालय आता था, जिसके आगे से गुजरकर जब वे घर जाते थे तो पिता से वेटनरी सर्जन कोर्स के बारे में कई सवाल करते थे।
चाचा पर है पूरे परिवार का पालन पोषण का जिम्मा
बेटी सोनू ने बताया कि पिता खेताराम शास्त्री भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके बाद चाचा करण सिंह, रमेश कुमार और सबसे छोटे योगेश कुमार है, जबकि मां का नाम फूल समुद्रा है। बेटी ने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है। इसलिए अब पूरे परिवार का जिम्मा सभी चाचा पर आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें