एडीजे जयबीर हुड्डा की अदालत ने हत्या के जुर्म में फतेहाबाद के गांव जांडली खुर्द के शमशेर सिंह और उसके बेटे अनिल को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोनों को एक-एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 30 जून 2015 को जहर के प्रभाव के कारण गांव श्यामसुख के राजेंद्र की पत्नी पूजा की मौत हो गई थी। पूजा के मायका पक्ष ने इस संबंध में अग्रोहा थाने में मृतका के ससुर लीलूराम, सास रेशमा, देवर प्रवीण और ननद सुनीता के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। आईपीएस राहुल हुड्डा उन दिनों ट्रेनिंग के तौर पर अग्रोहा थाना प्रभारी का कार्यभार संभाल हुए थे। उन्होंने अपनी जांच में अग्रोहा थाना एरिया में ऐसा अपराध न घटा होना पाया था। मामला डिटेक्टिव सेल को सौंप दिया था।
जांच में मामला हो गया था साफ
बाद में डिटेक्टिव सेल ने जांच की तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था। पुलिस ने जांच में पाया था कि पूजा को मायका पक्ष ने मारा है। पुलिस ने कोर्ट में मृतका के पति राजेंद्र के 164 के बयान दर्ज कराए थे। राजेंद्र ने बताया था कि घटना वाले दिन उसका ससुर शमशेर, साला अनिल, वह और पूजा कार में सिविल अस्पताल के पास पहुंचे थे। अस्पताल के पास ससुर और साले ने पूजा को नौटंकी की खातिर थोड़ा जहर दिया, ताकि ससुराल जनों के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया जा सके। जहर ज्यादा मात्रा में मुंह में जाने की वजह से पूजा की हालत बिगड़ गई थी और सिविल अस्पताल में ले जाने पर उसकी मौत हो गई थी। बाद में सिटी थाना पुलिस ने मृतका के पिता और भाई के खिलाफ केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया था।