हिसार। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के सदस्य मंगलवार को लघु सचिवालय के गेट के सामने 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे। कड़ाके की ठंड के बावजूद रात को भी किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर डेरा डाले रखा। लघु सचिवालय का एक साइड का गेट बंद कर दिया गया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। किसानों ने केंद्र तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जाहिर किया।
सांकेतिक भूख हड़ताल का नेतृत्व किसान नेता सूरजभान डाया, ओमप्रकाश हसंगा, सतीश बैनीवाल ने संयुक्त रूप से किया। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने कहा कि पिछले 10 महीने से शम्भू और खनौरी बॉर्डर पर दिल्ली जाने के लिए किसान बैठे हैं। पुलिस ने इन सभी को बैरिकेडिंग कर रोक रखा है। किसान दिल्ली जाने की कोशिश करता है तो उनके ऊपर आंसू गैस के गोले, टियर गैस से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की मांग को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहा है। लेकिन सरकार किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं कर रही है। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर यह सांकेतिक भूख हड़ताल की गई है।
समिति के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि एमएसपी के लिए आंदोलन कर रहे किसान संवैधानिक अधिकार के तहत ही अपनी मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। कार्यकारिणी सदस्य अनिल गौरछी ने बताया कि यह भूख हड़ताल 18 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक चलेगी। उसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर कमल बराड़, गोपाल सिंह, के.डी.अग्रोहा, कुलदीप सदलपुर, मंजीत सिंह, मुकेश डाया, चरणपाल लुदास, जसबीर सूरा, अनिल गोरछी, कुलदीप खरड़, उदय देवां, प्रदीप मलिक, रमेश कुलेरी, दलीप आदि मौजूद रहे।