हांसी। उमरा के खेतों में गैस पाइप लाइन डाले जाने को लेकर किसान व गैस कंपनी के अधिकारी बलराज सिंह दांगी, मनवीर सिंह हिसार प्रबंधक गैल कंपनी व डीएसपी जुगल किशोर के बीच शहर थाने में वार्ता हुई। मगर किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी हमारी 50 फीट जगह ले रही है और मुआवजा 5 फीट का दे रहे हैं, जिसे हम सहन नहीं करेंगे। इसको लेकर आधे घंटे के करीब शहर थाने में वार्ता हुई मगर किसानों व कंपनी के अधिकारियों में आपसी सहमति नहीं बन पाई और किसान नाराज होकर बैठक से चले गए।
किसानों ने आरोप लगाया कि पाइप लाइन दबाने के लिए गहराई 12 फुट तक करनी थी, मगर कंपनी ने गहराई 4 फीट के करीब की। जिससे उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी वालों ने कहा कि हमने अब गैस पाइप लाइन दबा दी, अब हम उसे छेड़ नहीं सकते। किसानों ने कहा कि कंपनी ने हमारे ऊपर शर्तें लगा दी कि 50 फीट चौड़ाई व लंबाई पूरे एकड़ तक होगी जहां तक पाइप लाइन जाएगी। वहां पर हम ना तो मकान बना सकते और ना ही कुछ अन्य कार्य कर सकते।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनी जबरदस्ती बिना मुआवजा दिए सरकार की सहायता से किसानों की जमीन पर काफी समय से खाई खोद कर पाइप लाइन दबाने का कार्य कर रही। उन्होंने कहा कि जनता की सुनवाई नहीं होती जबकि कंपनी के कहने से किसानों पर झूठे मुकदमे तक दर्ज किए गए हैं। इस मौके पर सुनील मलिक, कृष्ण, शिव कुमार, राजा, बलवान, बलबीर व टिकरी बॉर्डर से आएं युवा किसान नेता मदीप मलिक उमरा भी मौजूद रहे।
नहीं सौंपेंगे किसी को ज्ञापन
किसानों ने कहा कि अब ना तो वह किसी अधिकारी के कार्यालय में जाएंगे और ना ही किसी को ज्ञापन सौंपेंगे। अब जो बात होगी वह उमरा में मौके पर ही होगी। किसानों ने कहा कि अब वह किसी भी कीमत पर अपने खेतों में पाइप लाइन नहीं डालने देंगे।