हांसी (हिसार)। डीएपी के बाद किसान अब यूरिया खाद की कमी से परेशान हैं। अव्यवस्था का आलम ये है कि बुधवार को इफको केंद्र पर लाइन में लगे किसानों का नंबर वीरवार को आया। यूरिया मेरी फसल मेरा ब्योरा पर दर्ज कराई जमीन के हिसाब से दिया जाएगा।
काली देवी चौक के समीप स्थित इफको केंद्र पर बुधवार को यूरिया का स्टॉक आया था। बुधवार से ही किसानों की लंबी लाइनें लग गई थी। वीरवार को वहां पर किसानों की लंबी लाइनें लगी रही। इस दौरान मेरी फसल मेरा ब्योरा पर दर्ज करवाई गई। जमीन के हिसाब से यूरिया दिया गया। इसमें प्रति एकड़ के हिसाब से तीन कट्टे दिए जाने थे। हालांकि किसानों की संख्या ज्यादा होने प्रति एकड़ एक कट्टा भी दिया गया, जिससे किसान परेशान दिखे। किसानों का कहना था कि लाइनों में लगने के बाद भी उन्हें यूरिया पूरा नहीं मिल रहा है। किसानों को खेती अन्य काम छोड़ कर यूरिया के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है।
बिजाई के दौरान आएगी समस्या
फसल की बिजाई हो चुकी है। अब यूरिया की जरूरत है। यूरिया के लिए कई घंटों तक लाइन में खड़े रहे। समय से यूरिया नहीं मिला तो बिजाई में समस्या आएगी।- सुमित, हाजमपुर।
खेती छोड़ कतार में लगने को विवश हूं
खेती के साथ अन्य काम छोड़ कर लाइनों में लगा हुआ हुं। फसल में यूरिया डालने का समय आ गया है, लेकिन यूरिया नहीं मिल रहा है। घंटों बाद भी प्रति एकड़ एक कट्टा दिया गया।- कृष्णा, उमरा।
कई घंटे इंतजार करना पड़ा
बुधवार को मैं सुबह 9 बजे यूरिया लेने आया था, तब मेरा नाम लिख लिया था और अगले दिन आने के लिए कहा। वीरवार को आया तो कई घंटे इंतजार करना पड़ा। डीएपी के समय भी ऐसे ही चक्कर काटे थे।- राजेंद्र, दयाल सिंह कॉलोनी।
यूरिया के करीब 2450 कट्टे आए थे। दोनों दिन में यूरिया करीब 300 किसानों को दिया गया है। मेरी फसल मेरा ब्योरा में दर्ज जमीन के हिसाब से यूरिया दिया जा रहा है।- आज्ञा राम, इंचार्ज, इफको केंद्र।