किसानों पर हुए लाठी चार्ज, आंसू गैस के गोले दागने, पुलिस द्वारा रास्ता रोकने के विरोध में गुरुवार को हरियाणा के हिसार के सिसाय-कालीरामण गांव के चबूतरे पर किसानों की महापंचायत हुई। महापंचायत की अध्यक्षता सिसाय गांव के सरपंच राजेश सिहाग ने की। बैठक में हिसार जिले के 40 गांव के किसान व ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा के किसानों ने पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच का समर्थन करने, दिल्ली तक पहुंचाने में उनकी हर संभव मदद करने व सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
जिले के किसान गांव-गांव जाकर संपर्क अभियान चलाएंगे। ट्रैक्टर मार्च निकालकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को पंजाब के किसानों की मदद करने की अपील करेंगे। बैठक में किसानों ने कहा कि किसानों के दिल्ली कूच के बीच में सरकार के आदेश पर पुलिस प्रशासन रोड़ा बन रहा है। हाईवे को बंद किया जा रहा है। इंटरनेट बंद कर दिए गए हैं। किसानों ने कहा कि सरकार ऐसा करके लोकतंत्र का हनन कर रही है।
बता दें कि बुधवार को किसान नेताओं ने सिसाय गांव में महापंचायत करने की कॉल दी थी। किसानों की कॉल पर गुरुवार को सैंकड़ों की संख्या में किसान व ग्रामीण सिसाय गांव के अखिल भारतीय कालीरामण भवन में एकत्रित हो गए। महापंचायत के दौरान किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने 50 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जिसमें हर गांव व हर किसान संगठन के पदाधिकारियों को शामिल किया गया।
किसानों ने बताया कि आगामी निर्णय 50 सदस्यीय कमेटी द्वारा लिए जाएंगे। करीब एक घंटा कमेटी ने बैठक करके मौजूदा निर्णय लिया है कि वे 16 फरवरी को विभिन्न ट्रेड यूनियनों के भारत बंद अभियान का समर्थन करेंगे। भारत बंद के दौरान यूनियनों का सहयोग करने की अपील की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 फरवरी को हर गांव के ग्रामीण अपने-अपने क्षेत्र में पंजाब के किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर फ्लैग मार्च निकालेंगे। जिसमें हजारों किसान शामिल होंगे। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारत सरकार 20 फरवरी तक किसानों की मांग को पूरा नहीं करती है तो हरियाणा के किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ लाखों की संख्या में शंभू बॉर्डर की ओर कूच करेंगे।
वहां जाकर पुलिस से टकराएंगे व पंजाब के किसानों को बॉर्डर पार करवाएंगे। बैठक में किसान नेता रवि आजाद, विकास सीसर, कुलदीप खरड़, कैलाश मलिक, सूबेदार रणबीर मलिक, राजेश शर्मा, मनोज बूरा, राजू सिहाग सहित सैंकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसान नेता बोले- किसान कोई आतंकवादी नहीं है
महापंचायत के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि देश का किसान अपनी मांगों को लेकर राजधानी दिल्ली में जाना चाहता है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए सरकार ने सभी रास्तों को बंद कर दिया है। किसानों पर गोले दागे जा रहे हैं। किसानों पर गोलियां बरसाई जा रही हैं। लाठी चार्ज किया जा रहा है। किसानों को जेलों में बंद किया जा रहा है। रवि आजाद ने कहा कि किसानों पर मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का रास्ता रोकने के लिए सड़कों व नहरों को खोदा जा रहा है। ऐसा करके सरकार सरेआम लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
विकास सीसर ने कहा कि सरकार के इस व्यवहार को किसान किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा। विकास सीसर ने कहा कि देश के किसानों का रास्ता रोककर सरकार गलत कदम उठा रही है। ये वहीं किसान हैं जिन्होने पहले भी 13 महीने तक दिल्ली में सफल आंदोलन किया था। जिसमें करीब 750 किसानों ने जान गवाई थी। लेकिन पीछे नहीं हटे थे। उन्होने बताया कि मौजूदा किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसान गांव-गांव जाकर जागरुकता अभियान चलाएंगे।
पुलिस प्रशासन रहा मौके पर मौजूद
सिसाय गांव में हुई महापंचायत के दौरान किसानों की बातों को सूनने के लिए एसडीएम मोहित महराणा, नायब तहसीलदार संदीप शर्मा सहित पुलिस के आलाधिकारी मौजूद रहे। करीब तीन घंटे चली किसानों की बैठक पूरी होने तक हांसी प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भवन के आसपास मंडराते रहे। अधिकारी गुप्त सूत्रों से बैठक की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।