हिसार के परिवर्तन अस्पताल में मंगलवार देर रात आग लगने से जिंदा जले 40 वर्षीय अमित वधवा के परिजनों का अस्पताल के बाहर धरना गुरुवार को भी जारी है। परिजन और अन्य जन संगठन चिकित्सक पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग पर अड़े है।
उनका कहना है कि जब तक केस दर्ज नहीं हो जाता धरना जारी रहेगा। वहीं शव का अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाएगा। पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत का दौर जारी है लेकिन अभी तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई है।
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सेक्टर 15 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी अमित वधवा को 20 अगस्त की शाम को डिप्रेशन और कमजोरी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार देर रात 1.15 मिनट पर अचानक अस्पताल में धमाका हुआ। जब उनका बेटा ध्रुव दौड़ कर कमरे की तरफ गया तो कमरे में आग लगी हुई थी। ध्रुव ने आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं चला। उसके बाद पाइप के जरिए आग बुझाई गई, लेकिन तब तक अमित जिंदा जल चुका था।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में खूब बवाल काटा था। बुधवार सुबह परिजनों और अन्य जन संगठनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया था। उनकी मांग थी कि जब तक चिकित्सक पर हत्या का केस दर्ज नहीं हो जाता, वे धरने से नहीं उठेंगे। वहीं शव का नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया है, लेकिन परिजनों ने अभी शव नहीं उठाया है।