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सियासी आकाओं के जरिये अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर

Tue, 24 Nov 2015 01:13 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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सियासी आकाओं के जरिये भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर दावेदारों की पैनी नजर है। सभी दावेदार अपने-अपने समर्थकों के साथ मजबूती से दावा पेश करने में जुट गए हैं
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जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में छह दावेदारों के नाम सामने आये हैं। दरअसल बिहार चुनाव में हार के बाद भाजपा ने संगठन को मजबूत करने के लिए काम शुरू कर दिया है।

हिसार जिले में यह कवायद चुनाव बाद हो रही है। अभी तक सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता ही जिलाध्यक्ष बने हुए हैं। हिसार में भाजपा के सबसे सीनियर लीडर माने जाने वाले श्रीनिवास गोयल अध्यक्ष पद के लिए आगे हैं।
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वह सीएम मनोहरलाल खट्टर के करीबी रहे हैं। भारतीय जनता पाटी के जिला अध्यक्ष पद के लिए महामंत्री सुजीत कुमार भी मजबूत दावेदार हैं। खुद सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता उनकी पैरवी कर रहे हैं।

महामंत्री सुरेंद्र पूनिया अध्यक्ष बनने के लिए संघ तथा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के जरिए दावा ठोक रहे हैं। पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके रवि सैनी बिरादरी संतुलन बनाने के हिसाब से अध्यक्ष बनने के मुख्य दावेदार हैं।

पिछड़े वर्ग को हक देने की बात आई तो कर्ण सिंह राणौलिया जिला अध्यक्ष हो सकते हैं। जिले में कुम्हार बिरादरी ओबीसी को आगे बढ़ाने की मुहिम में उनका नाम लिस्ट में आ सकता है।

वित्तमंत्री के खास समर्थक मंदीप मलिक भी भाजपा के पुराने नेताओं की गिनती में है। उन्होंने हांसी लोकसभा से टिकट की दावेदारी भी की थी। ऐसे में जाट समाज को खुश करने के प्रयास में वह अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंच सकते हैं।

ऐसे होगा चुनाव
जिले की 1102 बूथ स्तर की समितियों का गठन किया गया। इन बूथ समितियों के अध्यक्ष मंडल अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। जिले में 22 मंडल अध्यक्ष चुने जाएंगे

यह मंडल अध्यक्ष सहमति या चुनाव के जरिए जिला अध्यक्ष का चयन करेंगे।

12 मंडल अध्यक्षों का चयन होना जरूरी
जिला अध्यक्ष चयन करने के लिए 22 मंडल अध्यक्ष में से कम से कम 12 मंडल अध्यक्षों का चयन होना जरूरी है। आधे से ज्यादा मंडल अध्यक्ष चयन होने के बाद ही जिला अध्यक्ष का चयन हो सकता है।

अगले दो दिन में अधिकतर मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर लिए जाएंगे।

तीन साल रहेंगे अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी के संविधान के अनुसार अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। भाजपा में एक पद एक व्यक्ति नीति लागू है

अगर जिला अध्यक्ष को किसी और पद पर नियुक्ति मिल जाए तो उसके बदले दूसरे व्यक्ति को बाकी कार्यकाल सौंपा जा सकता है। 2015 अंत में अध्यक्ष बनने वाले 2018 अंत तक अध्यक्ष रहेंगे।

केंद्र, प्रदेश में बदले जिले में नहीं
राष्ट्रीय स्तर पर राजनाथ सिंह के केंद्रीय गृहमंत्री बनने के बाद अमित शाह उनके कार्यकाल को पूरा कर रहे हैं। हरियाणा में रामबिलास शर्मा के मंत्री बनने पर सुभाष बराला उनके कार्यकाल को पूरा कर रहे हैं।
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हिसार जिले में अपवाद रहा। यहां डॉ. कमल गुप्ता के विधायक व सीपीएस बनने के बाद भी वह जिला अध्यक्ष हैं।
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